24 मई । भारत ने 21-22 मई को नई दिल्ली में ब्रिक्स आतंकवाद विरोधी कार्य समूह (सीटीडब्ल्यूजी) की 11वीं वार्षिक पूर्ण बैठक और उपसमूहों की बैठकों की मेजबानी की। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शनिवार को बताया कि सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की और अप्रैल 2025 में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में आयोजित इन बैठकों में ब्रिक्स आतंकवाद-विरोधी कार्य समूह की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने का भी जश्न मनाया गया। ब्रिक्स के सभी 10 सदस्य देशों के वरिष्ठ आतंकवाद-विरोधी अधिकारियों ने चर्चा में भाग लिया, जिसमें आतंकवाद-विरोधी सहयोग के सभी पहलुओं और उभरती सुरक्षा चुनौतियों को शामिल किया गया।
विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) राजदूत सिबी जॉर्ज ने उद्घाटन सत्र के दौरान मुख्य भाषण दिया। उन्होंने आतंकवाद के वैश्विक खतरे से निपटने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच सामूहिक और एकजुट प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया और सीटीडब्ल्यूजी को अधिक लचीला, रचनात्मक, नवोन्मेषी, समावेशी और परिणामोन्मुखी बनाने का आह्वान किया।
जॉर्ज ने 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए "जघन्य आतंकवादी हमले" के बाद भारत के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए ब्रिक्स सदस्य देशों को धन्यवाद भी दिया और आतंकवाद के प्रति भारत की शून्य सहिष्णुता की नीति को दोहराया।
इन बैठकों की अध्यक्षता विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (आतंकवाद विरोधी) डॉ. विनोद बहाडे ने की।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, ब्रिक्स सदस्य देशों ने पहलगाम आतंकी हमले के साथ-साथ सदस्य देशों को निशाना बनाकर किए गए अन्य आतंकी हमलों की निंदा की और आतंकवाद विरोधी प्रयासों में सहयोग को और बढ़ाने के अपने संकल्प की पुष्टि की।
पूर्ण सत्र से पहले आतंकवाद विरोधी सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित पांच विषयगत उप-समूहों की बैठकें हुईं।















