वित्तीय वर्ष 2026-27 (FY27) में भारत में औसत सैलरी में 8.6% से 10.2% तक की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। टीम लीज सर्विसेज (TeamLease Services) की मंगलवार को आई एक नई रिपोर्ट के अनुसार, कुशल टैलेंट की लगातार बढ़ती मांग को इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण बताया गया है।
रिपोर्ट में तेजी से बढ़ते सेक्टरों में सैलरी वृद्धि सबसे अधिक रहने का पूर्वानुमान लगाया गया है। EV और EV इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक, हेल्थकेयर, फार्मास्यूटिकल्स तथा पावर और एनर्जी सेक्टर में सैलरी में 9.6% से 10.2% तक की बढ़ोतरी संभव है।
खास भूमिकाओं में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
शहरों में नई तस्वीर
रिपोर्ट के अनुसार, चेन्नई, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद सैलरी बढ़ोतरी के नए हॉटस्पॉट बनकर उभरे हैं। पारंपरिक मेट्रो शहरों के अलावा ये उभरते शहर अब टैलेंट इकोनॉमी में मजबूत स्थिति बना रहे हैं।
ऑटोमोटिव, रिटेल, इंश्योरेंस और BPO जैसे सेक्टरों में 8.9% से 9.5% तक की बढ़ोतरी का अनुमान है, जबकि बैंकिंग, कंस्ट्रक्शन, रियल एस्टेट, टेलीकॉम और टेक्सटाइल जैसे सेक्टरों में सैलरी वृद्धि अपेक्षाकृत संतुलित (8.6% से 8.8%) रहने की संभावना है।
TeamLease Services के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बालासुब्रमण्यन ए ने कहा, “FY2026-27 में सैलरी का माहौल ज्यादा डायनामिक और स्किल-केंद्रित होता जा रहा है। बढ़ोतरी अब सेक्टर की ग्रोथ और खास स्किल्स पर निर्भर कर रही है। सैलरी वृद्धि अब केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रही है।”
रिपोर्ट 23 सेक्टरों, 20 शहरों और 1,268 कंपनियों से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है। इसमें कहा गया है कि सेल्स-मार्केटिंग, इंजीनियरिंग और आईटी फंक्शन्स में ग्रोथ की रफ्तार सबसे तेज है। कुल मिलाकर, रिपोर्ट भारत के रोजगार बाजार के तेजी से बदलते स्वरूप और स्किल-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ते कदम को दर्शाती है।

















