काठमांडू, 23 अक्टूबर नेपाल की सत्तारूढ़ दल राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के सभापति रवि लामिछाने तीन दिवसीय दौरे पर भारत जाने वाले हैं। उनकी इस यात्रा को निजी और पारिवारिक तीर्थयात्रा बताया गया है। वह शुक्रवार से तीन दिनों के लिए भारत रवाना होंगे। उनके निजी सचिवालय ने यह जानकारी दी है।
निजी सचिवालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, तीन दिवसीय आध्यात्मिक और पारिवारिक यात्रा पूरी करने के बाद लामिछाने स्वदेश लौट आएंगे।
यात्रा के दौरान लामिछाने अपने परिवार के साथ भारत के उत्तराखंड स्थित नैनीताल में कैंची धाम और असम के गुवाहाटी स्थित कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे।
नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के सभापति रवि लामिछाने तीन दिवसीय भारत यात्रा पर जाने वाले हैं। इस यात्रा को निजी, पारिवारिक और आध्यात्मिक यात्रा बताया गया है। लामिछाने शुक्रवार, 23 अक्टूबर से तीन दिनों के लिए भारत रवाना होंगे। उनके निजी सचिवालय ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा पूरी करने के बाद वह नेपाल लौट आएंगे। इस दौरान उनका कार्यक्रम धार्मिक स्थलों पर दर्शन और पूजा-अर्चना करने का है। निजी सचिवालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रवि लामिछाने अपने परिवार के साथ भारत के उत्तराखंड और असम स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों का दौरा करेंगे। उनकी यात्रा में उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम और असम के गुवाहाटी में स्थित मां कामाख्या मंदिर शामिल हैं। दोनों धार्मिक स्थल श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था और धार्मिक महत्व रखते हैं। कैंची धाम बाबा नीम करौली महाराज से जुड़ा प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वहीं, गुवाहाटी स्थित कामाख्या मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल है। यहां मां कामाख्या की पूजा-अर्चना के लिए वर्षभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। रवि लामिछाने की इस यात्रा को फिलहाल पूरी तरह निजी और पारिवारिक दौरा बताया गया है। उनके सचिवालय की ओर से उपलब्ध जानकारी में किसी आधिकारिक राजनीतिक बैठक या सरकारी कार्यक्रम का उल्लेख नहीं किया गया है। ऐसे में इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य परिवार के साथ धार्मिक स्थलों पर दर्शन करना और आध्यात्मिक समय बिताना माना जा रहा है। नेपाल की राजनीति में रवि लामिछाने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के प्रमुख नेता के रूप में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उनकी भारत यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब दोनों पड़ोसी देशों के बीच सांस्कृतिक, धार्मिक और पारिवारिक संबंधों की अपनी विशेष अहमियत है। भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से धार्मिक पर्यटन और तीर्थयात्रा की परंपरा रही है। दोनों देशों के श्रद्धालु एक-दूसरे के धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। हालांकि, लामिछाने की इस यात्रा को लेकर अभी तक किसी विशेष राजनीतिक उद्देश्य की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। तीन दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद उनके नेपाल लौटने का कार्यक्रम है

















