अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने इस बात पर जोर दिया है कि अगर पाकिस्तान द्विपक्षीय मुद्दों पर भारत का सहयोग चाहता है, तो उसे पहले अपने द्वारा स्थापित आतंकी ढांचे को खत्म करना होगा। पाकिस्तान ने हाल ही में इस्लामाबाद में एक सम्मेलन आयोजित कर सिंधु जल संधि को स्थगित रखने के भारत के फैसले का विरोध किया था। एक लेख में, श्री क्वात्रा ने पाकिस्तान के एक पूर्व विदेश मंत्री की आलोचना की, जिन्होंने सिंधु नदी प्रणाली पर इस्लामाबाद की मांगों को पूरा न किए जाने पर भारत के खिलाफ युद्ध की धमकी दी थी।
राजदूत क्वात्रा ने कहा कि भारत के खिलाफ युद्ध की धमकी देना, अपनी आंतरिक समस्याओं से ध्यान हटाने का इस्लामाबाद का एक आम नीतिगत विकल्प बन गया है। श्री क्वात्रा ने कहा कि पाकिस्तान को सम्मेलन आयोजित करने, भारत को दोष देने और धमकियां देने के बजाय अपनी दयनीय जल उत्पादकता को सुधारना चाहिए। उन्होंने टिप्पणी की कि हर घरेलू विफलता का दोष भारत पर मढ़ने की आदत पुरानी हो चुकी है।






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