‘समुद्र प्रदक्षिणा’ अभियान की सफलता युवा महिलाओं को बड़े सपने देखने की प्रेरणा देगी : राष्ट्रपति


देश 03 August 2026
post

‘समुद्र प्रदक्षिणा’ अभियान की सफलता युवा महिलाओं को बड़े सपने देखने की प्रेरणा देगी : राष्ट्रपति

नई दिल्ली, 03 अगस्त । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने वाली भारतीय सेना के नौकायन पोत (आईएएसवी) ‘त्रिवेणी’ की सर्व-महिला टीम की उपलब्धि देश के युवाओं, विशेषकर महिलाओं को बड़े सपने देखने और समर्पण के साथ राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करेगी।

राष्ट्रपति ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में भारतीय सेना के नौकायन पोत ‘त्रिवेणी’ की सर्व-महिला दल से मुलाकात की। यह दल ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ त्रि-सेवा वैश्विक नौकायन अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद राष्ट्रपति से मिला।

राष्ट्रपति भवन के अनुसार, भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की नौ महिला अधिकारियों ने 314 दिनों में 25 हजार से अधिक समुद्री मील की यात्रा पूरी की। अभियान के दौरान दल ने विश्व के सबसे चुनौतीपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल चार महासागरों को पार करते हुए केप लीउविन, केप हॉर्न और केप ऑफ गुड होप का चक्कर लगाया तथा वैश्विक समुद्री परिक्रमा के सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा किया।

राष्ट्रपति ने सर्व-महिला दल के साहस, धैर्य, दृढ़ता और उत्कृष्ट पेशेवर क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान भारतीय महिलाओं की क्षमता, नेतृत्व और संकल्प का सशक्त उदाहरण है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से देश के युवाओं, विशेषकर महिलाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने की प्रेरणा मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ भारत का पहला त्रि-सेवा (थल सेना, नौसेना और वायुसेना) सर्व-महिला वैश्विक समुद्री परिक्रमा अभियान है। इसका उद्देश्य नारी शक्ति, तीनों सेनाओं के संयुक्त संचालन और भारत की समुद्री क्षमता का प्रदर्शन करना था। अभियान की शुरुआत 11 सितंबर 2025 को मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से हुई थी। भारतीय सेना के स्वदेश निर्मित सेलिंग पोत आईएएसवी त्रिवेणी पर सवार दल ने 314 दिनों में लगभग 25,500 समुद्री मील की यात्रा पूरी कर 22 जुलाई को मुंबई वापसी की।

अभियान के दौरान दल ने चार महासागरों की यात्रा की, भूमध्य रेखा को दो बार पार किया तथा विश्व के तीन प्रमुख अंतरीप—केप लीउविन (ऑस्ट्रेलिया), केप हॉर्न (दक्षिण अमेरिका) और केप ऑफ गुड होप (अफ्रीका)—का चक्कर लगाकर वैश्विक समुद्री परिक्रमा के सभी अंतरराष्ट्रीय मानदंड पूरे किए।

अभियान का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल अनुजा वरुडकर ने किया, जबकि स्क्वाड्रन लीडर श्रद्धा पी. राजू उप-अभियान प्रमुख थीं। दल में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की कुल नौ महिला अधिकारी शामिल थीं।

You might also like!