तीन एकड़ खेती से एशियन गोल्ड तक, जींद की कीर्ति ने रचा इतिहास


खेल 03 October 2026
post

तीन एकड़ खेती से एशियन गोल्ड तक, जींद की कीर्ति ने रचा इतिहास

हरियाणा के जींद जिले के छोटे से गांव रिटौली की बेटी कीर्ति शर्मा ने एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। 20 वर्षीय कीर्ति भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम का हिस्सा थीं। भारत ने फाइनल में मजबूत दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में पहली बार एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम में कीर्ति के साथ अंकिता भकत और कुमकुम अनिल मोहोड़ शामिल थीं।

कीर्ति की यह सफलता सिर्फ एक पदक की कहानी नहीं, बल्कि आर्थिक मुश्किलों के बीच बेटी के सपने को पूरा करने के लिए परिवार के संघर्ष की कहानी भी है। कीर्ति के पिता विजय शर्मा किसान हैं और करीब तीन एकड़ जमीन पर खेती करके परिवार का गुजारा करते हैं। सीमित आमदनी के बावजूद उन्होंने बेटी की प्रतिभा के रास्ते में पैसों की कमी को बाधा नहीं बनने दिया। कीर्ति ने करीब 15 साल की उम्र में तीरंदाजी शुरू की थी। उस समय वह आठवीं कक्षा में पढ़ रही थीं। स्कूल में कोच उधम सिंह ने तीरंदाजी के लिए खिलाड़ियों का चयन किया तो कीर्ति की प्रतिभा पर उनकी नजर पड़ी। अभ्यास के लिए धनुष की जरूरत हुई तो परिवार ने करीब पांच हजार रुपये में शुरुआती धनुष की व्यवस्था की। यहीं से कीर्ति का तीरंदाजी का सफर शुरू हुआ।

समय के साथ कीर्ति का प्रदर्शन बेहतर होता गया और उन्हें बेहतर उपकरण की जरूरत पड़ी। भारतीय खेल प्राधिकरण के पदमा हजारीबाग केंद्र में चयन के दौरान प्रोफेशनल धनुष की आवश्यकता हुई। परिवार के पास इतनी बड़ी रकम नहीं थी। पिता विजय शर्मा ने आढ़ती से कर्ज लेकर करीब 55 से 60 हजार रुपये का नया धनुष खरीदा और बेटी को अभ्यास के लिए दिया। बाद में भारतीय खेल प्राधिकरण की ओर से भी कीर्ति को उच्च स्तर का धनुष उपलब्ध कराया गया। कीर्ति ने परिवार के इस भरोसे को अपनी मेहनत से सही साबित किया। पिछले कई वर्षों से वह झारखंड में कोच उधम सिंह के मार्गदर्शन में लगातार अभ्यास कर रही थीं। घर और परिवार से दूर रहकर की गई उनकी मेहनत का सबसे बड़ा परिणाम एशियन गेम्स के फाइनल में सामने आया।


You might also like!