सागौन वृक्षारोपण से किसान को मिली नाै लाख से अधिक की आय , मंत्री केदार कश्यप ने किया प्रोत्साहन राशि का वितरण

post

सागौन वृक्षारोपण से किसान को मिली नाै लाख से अधिक की आय , मंत्री केदार कश्यप ने किया प्रोत्साहन राशि का वितरण

रायपुर 22 मई । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण, किसानों की आय वृद्धि तथा ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने हेतु एग्रोफॉरेस्ट्री एवं निजी भूमि पर वृक्षारोपण को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज शुक्रवार काे नवा रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप द्वारा बालोद जिले के ग्राम पलारी, तहसील गुरूर निवासी कृषक अनिल जाजू को उनकी निजी भूमि पर विकसित सागौन वृक्षारोपण से प्राप्त आय के लिए शासन की ओर से प्रोत्साहन स्वरूप चेक प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में मंत्री कश्यप ने कहा कि राज्य शासन किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ वृक्ष आधारित कृषि प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। एग्रोफॉरेस्ट्री न केवल पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम है, बल्कि यह किसानों के लिए दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा का भी मजबूत आधार बन रही है। उन्होंने कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान जनभागीदारी के माध्यम से हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

अनिल जाजू ने वर्ष 2001 में अपनी 3.35 हेक्टेयर निजी भूमि पर सागौन वृक्षों का रोपण किया था। लगभग दो दशक की सतत देखरेख और संरक्षण के बाद वर्ष 2025 में उन्होंने वृक्ष कटाई नियम 2022 के अंतर्गत विधिवत अनुमति प्राप्त कर सागौन वृक्षों की कटाई कराई। वन विभाग के माध्यम से कुल 173 सागौन वृक्षों की कटाई की गई, जिससे 949 नग लकड़ी प्राप्त हुई तथा उसका कुल आयतन 33.24 घनमीटर दर्ज किया गया।

वन विभाग द्वारा पूर्व निर्धारित दरों पर उक्त काष्ठ का क्रय किया गया तथा इसके एवज में लगभग 9.69 लाख रुपये की राशि सीधे कृषक के बैंक खाते में जमा कराई गई।

यह उदाहरण दर्शाता है कि निजी भूमि पर वैज्ञानिक एवं योजनाबद्ध वृक्षारोपण किसानों के लिए अतिरिक्त एवं स्थायी आय का सशक्त माध्यम बन सकता है। साथ ही इससे पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों में कमी तथा जैव विविधता संरक्षण जैसे उद्देश्यों को भी बल मिलता है।

वन विभाग द्वारा प्रदेश के किसानों को निजी भूमि पर वृक्षारोपण हेतु तकनीकी मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं आवश्यक सहायता निरंतर उपलब्ध कराई जा रही है। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक कृषक एग्रोफॉरेस्ट्री मॉडल अपनाकर पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ें।

You might also like!