राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 2026 एशियाई खेलों में रिकर्व महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रचने पर कुमकुम अनिल मोहद को बधाई दी है।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में राष्ट्रपति ने कहा कि कुमकुम अनिल मोहद ने खेलों में असाधारण प्रदर्शन करते हुए टीम स्पर्धाओं में दो और पदक जीते। उन्होंने कहा कि इस एशियाई खेलों में भारत की महिला तीरंदाजों की शानदार सफलता में इस एथलीट का अहम योगदान रहा है। राष्ट्रपति ने कहा कि उनका प्रदर्शन और उपलब्धियां अनगिनत युवाओं, विशेषकर लड़कियों को, अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेंगी।
राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से कुमकुम अनिल मोहद को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कुमकुम ने 2026 एशियाई खेलों में असाधारण प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया है। व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के अलावा उन्होंने टीम स्पर्धाओं में भी दो और पदक अपने नाम किए। इस तरह प्रतियोगिता में उनका प्रदर्शन व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय तीरंदाजी टीम के सामूहिक प्रदर्शन में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया कि इस एशियाई खेलों में भारतीय महिला तीरंदाजों ने शानदार सफलता हासिल की है और कुमकुम अनिल मोहद इस उपलब्धि की महत्वपूर्ण सदस्य रही हैं। उनके प्रदर्शन ने भारतीय महिला तीरंदाजी की मजबूत होती स्थिति को भी सामने रखा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी खिलाड़ी की सफलता केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनती है।
कुमकुम की ऐतिहासिक जीत ऐसे समय में सामने आई है, जब भारतीय महिला खिलाड़ी विभिन्न खेलों में लगातार अपनी प्रतिभा और क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं। रिकर्व तीरंदाजी जैसी चुनौतीपूर्ण स्पर्धा में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक हासिल करना उनके अनुशासन, निरंतर अभ्यास, मानसिक मजबूती और प्रतियोगिता के दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाता है।
राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि कुमकुम अनिल मोहद का प्रदर्शन और उनकी उपलब्धियां देश के अनगिनत युवाओं को प्रेरित करेंगी। खास तौर पर लड़कियों के लिए उनकी सफलता एक सकारात्मक संदेश है कि मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास के साथ खेल के क्षेत्र में ऊंचे लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। कुमकुम की ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है और उनके प्रदर्शन ने देश की युवा खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद और प्रेरणा पैदा की है।

















