देश के
शेयर बाजार में बुधवार, 21 अक्टूबर को एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। रिलायंस इंडस्ट्रीज के
चेयरमैन मुकेश अंबानी से जुड़ी डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का
बहुप्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) आम निवेशकों के
लिए खुल गया। करीब 30,213 करोड़ रुपये के इश्यू साइज के साथ
यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है। खास बात यह है कि सुबह 10 बजे बोली प्रक्रिया शुरू होने के करीब एक घंटे के भीतर ही इश्यू पूरी तरह
सब्सक्राइब हो गया। जियो के आईपीओ को शुरुआती कारोबार में विशेष रूप से क्वालिफाइड
इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) से मजबूत प्रतिक्रिया मिली। इस
श्रेणी में तीन गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया। खुदरा निवेशक 23 अक्टूबर तक इसमें आवेदन कर सकते हैं। एक लॉट की कीमत अपर प्राइस बैंड के
अनुसार 13,428 रुपये रखी गई है। टाइगर
श्रॉफ के घर फायरिंग मामले में तीनों आरोपितों से पूछताछ शुरू ज़्यादा जानें Raipur
City Guide ई-पेपर सब्सक्रिप्शन National News Coverage देश का सबसे बड़ा IPO, 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की
तैयारी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का कुल आकार 30,213 करोड़
रुपये है। कंपनी इस आईपीओ के माध्यम से 27 करोड़ नए इक्विटी
शेयर जारी कर रही है। प्रत्येक शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये
निर्धारित की गई है। जियो का यह सार्वजनिक निर्गम भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में
आकार के लिहाज से सबसे बड़ा है। इससे पहले वर्ष 2024 में
हुंडई मोटर इंडिया का लगभग 27,800 करोड़ रुपये का आईपीओ देश
का सबसे बड़ा आईपीओ था। जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने आकार के मामले में उस
रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। कंपनी का कारोबार मोबाइल टेलीकॉम, ब्रॉडबैंड, डिजिटल सेवाओं, क्लाउड
और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैला हुआ है। टीम
इंडिया के पूर्व बल्लेबाज केदार जाधव का नया अंदाज, संघ के
गणवेश में शेयर की तस्वीरें खुलने के एक घंटे में ही फुल सब्सक्राइब हुआ IPO
बुधवार सुबह 10 बजे निवेशकों के लिए जियो
आईपीओ की बोली प्रक्रिया शुरू हुई। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, संस्थागत निवेशकों ने इसमें विशेष दिलचस्पी दिखाई। क्वालिफाइड
इंस्टीट्यूशनल बायर्स की श्रेणी में तीन गुना से ज्यादा बोलियां प्राप्त हुईं। इस
मजबूत प्रतिक्रिया के कारण इश्यू पहले घंटे में ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया।
हालांकि, किसी आईपीओ का फुल सब्सक्राइब होना और सभी निवेशक
श्रेणियों में समान मांग होना अलग-अलग बातें हैं। शुरुआती सब्सक्रिप्शन आंकड़े
दिनभर बदलते रहते हैं। इसलिए अंतिम मांग का आकलन बोली प्रक्रिया समाप्त होने के
बाद ही किया जा सकेगा। ठाणे में पेड़ गिरने की घटना, तीन वाहन क्षतिग्रस्त और एक घायल 23 अक्टूबर तक
निवेशकों को मिलेगा आवेदन का मौका जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। इस दौरान
पात्र खुदरा निवेशक, गैर-संस्थागत निवेशक और संस्थागत निवेशक
अपनी संबंधित श्रेणियों के तहत आवेदन कर सकेंगे। कंपनी ने आईपीओ का 50 प्रतिशत हिस्सा योग्य संस्थागत निवेशकों, 15 प्रतिशत
हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों और 35 प्रतिशत हिस्सा खुदरा
निवेशकों के लिए निर्धारित किया है। आईपीओ के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार,
23 अक्टूबर को बोली प्रक्रिया बंद होने के बाद शेयर आवंटन की
प्रक्रिया शुरू होगी। पलायन करने वाले परिवारों तक सहायता पहुंचाने में मदद करेगा
ट्रैकिंग सिस्टम Jio IPO की महत्वपूर्ण तारीखें IPO खुलने की तारीख 21 अक्टूबर 2026 IPO बंद होने की तारीख 23 अक्टूबर 2026 शेयर आवंटन की संभावित तारीख 26 अक्टूबर 2026
रिफंड और डीमैट में शेयर क्रेडिट 27 अक्टूबर 2026
BSE-NSE पर प्रस्तावित लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2026
प्राइस बैंड ₹1,065–₹1,119 एक लॉट में शेयर 12
न्यूनतम निवेश ₹13,428 कुल इश्यू साइज ₹30,213
करोड़ सिर्फ ₹13,428 में जियो के शेयरों के
लिए आवेदन कैसे करें? जियो आईपीओ में खुदरा निवेशकों के लिए
एक लॉट में 12 शेयर निर्धारित किए गए हैं। आईपीओ का प्राइस
बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति
शेयर है। अपर प्राइस बैंड के अनुसार, एक लॉट के लिए आवश्यक
राशि इस प्रकार होगी। रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट तक आवेदन
कर सकते हैं। हालांकि, आवेदन करने का अर्थ शेयर आवंटन की
गारंटी नहीं है। अधिक मांग होने पर सभी निवेशकों को शेयर मिलना जरूरी नहीं है। 13
लॉट के लिए कितना पैसा लगेगा? यदि कोई खुदरा
निवेशक अधिकतम 13 लॉट के लिए आवेदन करता है, तो उसे कुल 156 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। अपर
प्राइस बैंड के आधार पर निवेश राशि 1,74,564 रुपये बनेगी।
निवेशक आवेदन करते समय लॉट की संख्या और शेयर के लिए निर्धारित प्राइस बैंड के
भीतर कीमत का चयन कर सकते हैं। IPO खुलने से पहले एंकर
निवेशकों से भी मिला मजबूत रिस्पॉन्स जियो प्लेटफॉर्म्स ने आम निवेशकों के लिए
आईपीओ खुलने से पहले एंकर निवेशकों से भी पूंजी जुटाई। एंकर निवेशकों की बोली
प्रक्रिया 19 अक्टूबर को आयोजित की गई थी। इस चरण में कंपनी
को निर्धारित शेयरों के मुकाबले कई गुना अधिक मांग मिली। रिपोर्टों के अनुसार,
एंकर निवेशकों ने लगभग 8,110 करोड़ रुपये का
निवेश किया। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इस प्रक्रिया में भाग
लिया। इस प्रतिक्रिया के बाद आम निवेशकों के लिए खुले आईपीओ पर बाजार की नजर बनी
हुई है। ग्रे मार्केट में जियो के शेयरों का प्रीमियम जियो आईपीओ खुलने से पहले ही
ग्रे मार्केट में चर्चा में रहा है। बुधवार सुबह की बाजार रिपोर्टों के अनुसार,
जियो का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब 273
रुपये प्रति शेयर बताया गया। अपर प्राइस बैंड 1,119 रुपये के हिसाब से इस प्रीमियम के आधार पर अनुमानित लिस्टिंग कीमत 1,392
रुपये बनती है। यह लगभग 24.4 प्रतिशत के
संभावित प्रीमियम का संकेत है। हालांकि, GMP किसी आधिकारिक
एक्सचेंज पर तय होने वाली कीमत नहीं है। यह अनौपचारिक बाजार का संकेतक है, जो तेजी से बदल सकता है। इसलिए केवल GMP के आधार पर
लिस्टिंग लाभ का अनुमान लगाकर निवेश करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। 12 शेयरों पर कितने लाभ का संकेत? यदि शेयर 1,392
रुपये पर सूचीबद्ध होता है, तो 1,119 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले प्रति शेयर 273 रुपये
का अंतर होगा। ऐसी काल्पनिक स्थिति में एक लॉट के 12 शेयरों
पर कुल अंतर 3,276 रुपये होगा। लेकिन यह कोई सुनिश्चित लाभ
नहीं है। वास्तविक लिस्टिंग कीमत इश्यू बंद होने के बाद बाजार की मांग, निवेशकों की धारणा और अन्य परिस्थितियों के आधार पर तय होगी। शेयर
लिस्टिंग के बाद इश्यू प्राइस से नीचे भी कारोबार कर सकता है। जियो के कारोबार पर
निवेशकों की नजर जियो प्लेटफॉर्म्स भारत की प्रमुख डिजिटल और दूरसंचार कंपनियों
में शामिल है। जून 2026 के अंत तक जियो के ग्राहकों की
संख्या लगभग 53.33 करोड़ बताई गई है। कंपनी मोबाइल
कनेक्टिविटी के अलावा फाइबर ब्रॉडबैंड, वायरलेस इंटरनेट,
डिजिटल मनोरंजन, क्लाउड और एआई आधारित सेवाओं
में भी सक्रिय है। जियो के आईपीओ को लेकर निवेशकों की रुचि कंपनी के बड़े ग्राहक
आधार, डिजिटल कारोबार और भविष्य की विस्तार योजनाओं से जुड़ी
है। हालांकि, कंपनी की भविष्य की कमाई टेलीकॉम प्रतिस्पर्धा,
ग्राहक से होने वाली औसत आय, निवेश व्यय और नई
तकनीकों पर निर्भर करेगी। क्या जियो IPO में निवेश करना सही
होगा? जियो आईपीओ को शुरुआती चरण में मजबूत प्रतिक्रिया मिली
है, लेकिन केवल अधिक सब्सक्रिप्शन के आधार पर निवेश का
निर्णय नहीं लेना चाहिए। निवेशकों को कंपनी के वित्तीय परिणाम, कर्ज, नकदी प्रवाह, कारोबार का
मूल्यांकन और इश्यू से मिलने वाली पूंजी के उपयोग का अध्ययन करना चाहिए। आईपीओ में
आवेदन से पहले कंपनी का रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) पढ़ना
भी उपयोगी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 14 अक्टूबर 2026
को जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से संबंधित रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस
दाखिल करने की जानकारी दी थी। 28 अक्टूबर को होगी शेयर बाजार
में एंट्री जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में आवेदन की अंतिम तारीख 23 अक्टूबर निर्धारित है। इसके बाद 26 अक्टूबर को शेयर
आवंटन, 27 अक्टूबर को डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट और 28
अक्टूबर को बीएसई तथा एनएसई पर लिस्टिंग प्रस्तावित है। आईपीओ के
शुरुआती सब्सक्रिप्शन ने बाजार का ध्यान आकर्षित किया है। अब निवेशकों की नजर
अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों, शेयर आवंटन और लिस्टिंग कीमत पर
रहेगी। नोट: यह खबर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध बाजार सूचनाओं पर आधारित है। इसे
व्यक्तिगत निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। आईपीओ और शेयर बाजार में निवेश जोखिम
के अधीन है।
मुकेश अंबानी के Jio IPO की धमाकेदार एंट्री, घंटेभर में फुल सब्सक्राइब, ₹13,428 से निवेश का मौका

















