आज वर्ल्ड आयोडीन डेफिशिएंसी डे के मौके पर, हेल्थ और फैमिली वेलफेयर मिनिस्ट्री ने लोगों को सलाह दी है कि वे बेहतर हेल्थ के लिए आयोडीन वाला नमक चुनें और कम मात्रा में इसका इस्तेमाल करें। एक सोशल मीडिया पोस्ट में, मिनिस्ट्री ने कहा कि आयोडीन हेल्दी थायरॉइड फंक्शन, ब्रेन डेवलपमेंट और ओवरऑल ग्रोथ के लिए ज़रूरी है। मिनिस्ट्री ने आगे कहा कि सही मात्रा में आयोडीन वाला नमक इस्तेमाल करने से आयोडीन की कमी और उससे जुड़ी हेल्थ प्रॉब्लम को रोकने में मदद मिलती है।
विश्व आयोडीन अल्पता दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के लिए आयोडीन युक्त नमक का सेवन करने और नमक की मात्रा सीमित रखने की सलाह दी है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को आयोडीन के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि शरीर के सही विकास और बेहतर स्वास्थ्य के लिए आयोडीन एक आवश्यक पोषक तत्व है। यह विशेष रूप से थायरॉइड ग्रंथि के सामान्य कामकाज, मस्तिष्क के विकास और शरीर की समग्र वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शरीर में आयोडीन की पर्याप्त मात्रा होने से थायरॉइड हार्मोन का निर्माण सही तरीके से होता है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा के उपयोग और कई अन्य शारीरिक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने में मदद करता है। आयोडीन की कमी होने पर कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इनमें घेंघा रोग यानी थायरॉइड ग्रंथि का बढ़ना, थायरॉइड हार्मोन के उत्पादन में गड़बड़ी और बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना शामिल है। गर्भावस्था के दौरान आयोडीन की पर्याप्त मात्रा विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इसकी कमी गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के विकास को प्रभावित कर सकती है। इसी वजह से स्वास्थ्य विशेषज्ञ संतुलित आहार के साथ आयोडीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर देते हैं। आयोडीन की कमी को रोकने का एक सरल और प्रभावी तरीका आयोडीन युक्त नमक का उचित मात्रा में इस्तेमाल करना है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अधिक नमक खाना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। नमक का अत्यधिक सेवन उच्च रक्तचाप और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन वयस्कों को प्रतिदिन पांच ग्राम से कम नमक का सेवन करने की सलाह देता है। इसमें भोजन में मौजूद नमक भी शामिल है। इसलिए लोगों को खाना बनाते समय और भोजन करते समय नमक की मात्रा पर ध्यान देना चाहिए। विश्व आयोडीन अल्पता दिवस का उद्देश्य लोगों को आयोडीन की कमी से होने वाली समस्याओं के प्रति जागरूक करना और उनकी रोकथाम के लिए सही खानपान की आदतों को बढ़ावा देना है। मंत्रालय की सलाह के अनुसार, आयोडीन युक्त नमक का सीमित और नियमित इस्तेमाल करके आयोडीन की कमी से बचाव किया जा सकता है। साथ ही, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर शरीर को स्वस्थ रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है।
















