एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स की स्टॉक मार्केट में जोरदार शुरुआत, प्रीमियम लिस्टिंग के बाद लगा अपर सर्किट


व्यापार 06 August 2026
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एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स की स्टॉक मार्केट में जोरदार शुरुआत, प्रीमियम लिस्टिंग के बाद लगा अपर सर्किट

रेलवे रोलिंग स्टॉक में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिकल और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इक्विपमेंट के डिजाइन, डेवलपमेंट, असेंबली और मैन्युफैक्चरिंग का काम करने वाली कंपनी एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 425 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 22.12 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 519 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर 22.35 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 520 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद हुई मुनाफा वसूली के चक्कर में हुई बिकवाली के कारण ये शेयर कुछ देर के लिए फिसल कर 518.95 रुपये के स्तर तक आया। इसके बाद खरीदारों ने लिवाली का जोर बना दिया। लगातार हुई लिवाली के कारण कंपनी के शेयर तेजी दिखाते हुए 622.75 रुपये के अपर सर्किट लेवल पर पहुंच कर बंद हुए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 197.75 रुपये यानी 46.53 प्रतिशत का फायदा हो गया।

एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स का 290 करोड़ रुपये का आईपीओ 30 जुलाई से तीन अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 200.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 96.13 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 397.99 गुना सब्सक्रिप्शन आया था, जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 218.25 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले 290 करोड़ रुपये के कुल 68,23,528 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नए पावर इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के लिए रिसर्च, डिजाइन और डेवलपमेंट एक्टिविटीज में निवेश करने में वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 56 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1.40 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 12.63 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हो गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 50.57 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 64.64 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की राजस्व प्राप्ति घट कर 49.79 करोड़ रुपये रह गई। इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 27.59 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 27.50 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 49.89 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 16.53 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 17.91 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ उछल कर 62.57 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 9.15 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में घट कर 8.77 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 52.34 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।

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