नई दिल्ली, 06 अगस्त । डेयरी प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग और मार्केटिंग करने का काम करने वाली कंपनी मिल्की मिस्ट डेयरी फूड लिमिटेड के पब्लिक इश्यू (आईपीओ) के लिए प्राइस बैंड और उसके लॉट साइज की घोषणा कर दी गई है। इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 133 रुपये से लेकर 140 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 107 शेयर का है। इस पब्लिक इश्यू के जरिये कंपनी बाजार से 1,553 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है।
मिल्की मिस्ट डेयरी फूड लिमिटेड का ये इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए 11 अगस्त को खुलेगा। निवेशक इसमें 13 अगस्त तक बोली लगा सकेंगे। क्लोजिंग के बाद 14 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 17 अगस्त को अलॉटेड शेयर डिमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 18 अगस्त को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम 1 लॉट यानी 107 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,980 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,94,740 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 1,391 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत दो रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 11,09,43,193 शेयर जारी होंगे। इनमें लगभग 1,428 करोड़ रुपये के 10,20,14,623 नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा 125 करोड़ रुपये के 89,28,570 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जाएंगे।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए न्यूनतम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है। केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
मिल्की मिस्ट डेयरी फूड लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 19.44 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 46.07 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 127.01 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 1,826.86 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2,354.79 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 3,145.01 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 1,036.72 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,376.38 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 1,671.85 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 197.05 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 242.77 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 378 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 278.04 करोड़ रुपये के स्तर पर था। हालांकि, इसके अगले साल 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस घट कर 199.23 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 333.55 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 222.33 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 310.35 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 435.22 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।
मिल्की मिस्ट के आईपीओ का फिक्स हुआ प्राइस बैंड, 11 अगस्त को होगी लॉन्चिंग








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