नांदेड, 13 अगस्त । पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल (बादल) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर आज, गुरुवार को महाराष्ट्र के नांदेड में हमला किया गया। यह घटना ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब के बाहर हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हमले में सुखबीर सिंह बादल के हाथ में चोट लगी है। उन्हें उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के समय उनके परिवार के सदस्य भी साथ थे।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार सुखबीर सिंह बादल गुरुद्वारा साहिब में प्रवेश करने के लिए वाहन से उतर रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने अचानक उन पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बादल की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित करते हुए हमलावर को हिरासत में ले लिया। इसके बाद सुखबीर सिंह बादल को उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया।
हमले के पीछे का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। आरोपित की पहचान और उसने किस उद्देश्य से हमला किया, इसकी पुलिस जांच कर रही है।
हमले का पूरा घटनाक्रम जानने के लिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पूछताछ जारी है।
घटना के बाद गुरुद्वारा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और स्थिति का जायजा ले रहे हैं। सुखबीर सिंह बादल की चोट की गंभीरता और उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में डॉक्टरों की आधिकारिक जानकारी अभी सामने आना बाकी है।
इससे पूर्व 4 दिसंबर 2024 को अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब के बाहर भी सुखबीर सिंह बादल पर जानलेवा हमला किया गया था। उस समय अकाल तख्त साहिब द्वारा सुनाई गई धार्मिक सजा के तहत वह सेवादार के रूप में सेवा कर रहे थे। बादल व्हीलचेयर पर बैठकर हाथ में भाला लेकर पहरा दे रहे थे, तभी नारायण सिंह चौरा नाम के एक व्यक्ति ने उन पर गोली चलाने का प्रयास किया था। हालांकि, बादल इस हमले में बाल-बाल बच गए। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को तुरंत हिरासत में ले लिया था।
अमृतसर की घटना के समय सुखबीर सिंह बादल वर्ष 2007 से 2017 के बीच अकाली दल सरकार के कार्यकाल में हुई गलतियों का प्रायश्चित करने के लिए अकाल तख्त साहिब द्वारा सुनाई गई धार्मिक सजा के तहत सेवा कर रहे थे। उन्होंने श्री हरमंदिर साहिब के बाहर सेवादार के रूप में सेवा की थी। गोली चलाने के प्रयास के बावजूद उन्होंने अपनी धार्मिक सेवा जारी रखी और बाद में अन्य गुरुद्वारों में भी सेवा पूरी की।
नांदेड मे हुई हमले की ताजा घटना के बाद सुखबीर सिंह बादल की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। धार्मिक स्थल के बाहर उन पर दोबारा हमले की घटना सामने आने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल, पुलिस जांच और अस्पताल से मिलने वाली मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही इस हमले की वास्तविक प्रकृति और पृष्ठभूमि स्पष्ट होने की संभावना है।
महाराष्ट्र के नांदेड में सुखबीर सिंह बादल पर जानलेवा हमला

















