रेलवे की लेटलतीफी से यात्री परेशान, वैनगंगा सुपरफास्ट करीब पांच घंटे लेट


छत्तीसगढ़ 20 September 2026
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रेलवे की लेटलतीफी से यात्री परेशान, वैनगंगा सुपरफास्ट करीब पांच घंटे लेट

कोरबा, 20 सितम्बर  छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से चलने वाली वैनगंगा सुपरफास्ट एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12252) रविवार को करीब पांच घंटे विलंब से चलने की सूचना के बाद यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेन का निर्धारित प्रस्थान समय सुबह 8:05 बजे था, लेकिन सुबह 8.20 बजे तक ट्रेन कोरबा स्टेशन नहीं पहुंची थी। ट्रेन के लगभग पांच घंटे विलंब से चलने की सूचना मिलने के बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों को ट्रेन के आने का इंतजार करना पड़ा।

ट्रेन में सफर करने वाले कई यात्रियों की आगे की यात्रा निर्धारित थी। किसी को दूसरे शहर में जरूरी काम से पहुंचना था तो किसी को आगे दूसरी ट्रेन या बस पकड़नी थी। ऐसे में ट्रेन के विलंब से यात्रियों की पूरी यात्रा योजना प्रभावित होने की स्थिति बन गई। यात्रियों ने रेलवे की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए ट्रेनों के समय पर संचालन की मांग की।

कोरबा निवासी रमेश कुमार ने कहा कि ट्रेन का निर्धारित समय सुबह 8.05 बजे है, इसलिए वे समय पर स्टेशन पहुंच गए थे। लेकिन ट्रेन के करीब पांच घंटे विलंब की सूचना मिलने से परेशानी बढ़ गई। उन्होंने कहा कि यात्रियों को ट्रेन के विलंब की जानकारी पहले से दी जानी चाहिए, ताकि वे अपनी वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें।

यात्री संजय साहू ने कहा कि ट्रेन की लेटलतीफी का सीधा असर यात्रियों के जरूरी काम पर पड़ता है। कई लोग समय देखकर अपनी यात्रा की योजना बनाते हैं, लेकिन ट्रेन कई घंटे देर होने पर पूरा कार्यक्रम बिगड़ जाता है। रेलवे को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए।

अमित अग्रवाल ने कहा कि परिवार के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए घंटों ट्रेन का इंतजार करना मुश्किल होता है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा करने वालों को विशेष परेशानी होती है। रेलवे को ऐसी स्थिति में यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए।

स्थानीय यात्रियों ने बताया कि कोरबा में ट्रेनों की लेटलतीफी की समस्या नई नहीं है। औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जिले से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग रेल यात्रा करते हैं, लेकिन समय पर परिचालन नहीं होने से उन्हें बार-बार असुविधा का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि इससे यात्रियों का समय और आर्थिक दोनों तरह का नुकसान होता है।

यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि ट्रेनों के परिचालन में समयबद्धता सुनिश्चित की जाए तथा किसी कारणवश ट्रेन के विलंबित होने पर यात्रियों को समय पर सही एवं अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

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