रायगढ़:
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले में कॉलोनाइजरों द्वारा आर्थिक रूप से
कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए निर्धारित भूमि एवं भू-खण्डों को आरक्षित रखने तथा
उनके नियमानुसार विक्रय किए जाने संबंधी प्रावधानों की जांच की जा रही है। इसी
क्रम में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), रायगढ़ द्वारा ग्राम खैरपुर, पण्डरीपानी
पूर्व, बड़े अतरमुड़ा एवं जोरापाली में कॉलोनी विकास से जुड़े
संबंधित कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए गए हैं। सभी संबंधितों को आवश्यक दस्तावेज
एवं जानकारी के साथ 22 सितंबर 2026 को
प्रातः 11 बजे कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (रा.) रायगढ़ के
समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
संबंधित कॉलोनाइजरों से कॉलोनाइजर
लाइसेंस, भूमि व्यपवर्तन
आदेश, नगर एवं ग्राम निवेश विभाग से स्वीकृत ले-आउट तथा
सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी विकास अनुज्ञा की प्रति मांगी गई है। इसके साथ ही एक
एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल वाली कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए निर्धारित 15
प्रतिशत भूमि सक्षम प्राधिकारी को हस्तांतरित किए जाने संबंधी
दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। एक एकड़ से कम क्षेत्रफल वाली कॉलोनियों के मामले
में भूमि के मूल्य के समतुल्य राशि सक्षम प्राधिकारी एवं ग्राम पंचायत द्वारा
संधारित संबंधित खाते में जमा किए जाने की रसीद भी मांगी गई है। इसके अलावा निम्न
आय वर्ग के व्यक्तियों के लिए सुरक्षित न्यूनतम 10 प्रतिशत
भू-खण्डों के विक्रय की स्थिति, बंधक रखे गए भू-खण्डों को
बंधन से मुक्त किए जाने संबंधी सक्षम अधिकारी के आदेश, कॉलोनी
के आंतरिक विकास पर व्यय होने वाली संभावित राशि के 2 प्रतिशत
पर्यवेक्षण शुल्क को ग्राम पंचायत निधि में जमा किए जाने की रसीद तथा बाह्य विकास
के लिए निर्धारित 100 रुपये प्रति वर्गमीटर की राशि पंचायत
कोष में जमा किए जाने संबंधी दस्तावेज भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
कॉलोनी विकास कार्य पूर्ण होने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी एवं ग्राम पंचायत को
भेजी गई जानकारी की प्रति भी जांच के लिए उपलब्ध कराने को कहा गया है।
ईडब्ल्यूएस भूमि की जांच, 5 कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी

















