केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय आज दक्षिण गोवा स्थित इंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लीगल एजुकेशन एंड रिसर्च के विश्वविद्यालय सभागार में DISHA (Designing Innovative Solutions for Holistic Access to Justice) 2.0 योजना के अंतर्गत एक कार्यशाला का आयोजन करेगा। आकाशवाणी संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, कार्यशाला में प्रौद्योगिकी-आधारित कानूनी सेवाओं, कानूनी जागरूकता और नि:शुल्क कानूनी सहायता के माध्यम से न्याय तक पहुंच को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
“न्याय प्रबोध: न्याय की जागृति – 90 सेकंड में अपने अधिकार जानें” अभियान के तहत बनाई गई सर्वश्रेष्ठ रीलें इस अवसर पर प्रदर्शित की जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान न्याय प्रबोध के अंतर्गत एक स्लोगन प्रतियोगिता भी शुरू की जाएगी। एक अन्य सत्र न्याय बंधु प्रो बोनो कानूनी सेवा कार्यक्रम पर केंद्रित होगा। टेली-लॉ, न्याय बंधु, कानूनी साक्षरता और कानूनी जागरूकता कार्यक्रम, और विधि-संजीवनी जैसी पहलों के माध्यम से, न्याय विभाग दूरदराज और वंचित क्षेत्रों के नागरिकों के लिए कानूनी सेवाओं को अधिक सुलभ, समझने योग्य और किफायती बनाने की दिशा में काम कर रहा है।














