लालकृष्ण आडवाणी दिल्ली के अस्पताल में भर्ती, फेफड़ों संबंधी समस्या के बाद ले जाया गया हॉस्पिटल


देश 17 October 2026
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लालकृष्ण आडवाणी दिल्ली के अस्पताल में भर्ती, फेफड़ों संबंधी समस्या के बाद ले जाया गया हॉस्पिटल

भारतीय राजनीति के वरिष्ठ नेता और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी के दिल्ली के अस्पताल में भर्ती होने की खबर उनके स्वास्थ्य को लेकर चर्चा का विषय बन सकती है। बताया जा रहा है कि फेफड़ों से संबंधित समस्या के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, बीमारी की गंभीरता और उपचार से जुड़ी जानकारी की पुष्टि विश्वसनीय आधिकारिक स्रोतों से करना आवश्यक है। उनकी उम्र को देखते हुए उनके स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतना स्वाभाविक है। लालकृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति में कई दशकों तक सक्रिय रहे हैं और भाजपा के संगठनात्मक विस्तार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में योगदान दिया और केंद्र सरकार में गृह मंत्री तथा उप प्रधानमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उनके राजनीतिक जीवन का भारतीय राजनीति और भाजपा के विकास के इतिहास में विशेष स्थान रहा है।

ताजा मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 7:30 बजे आडवाणी को दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्हें सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद अस्पताल के पल्मोनरी विभाग में रखा गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। उपलब्ध खबरों के मुताबिक, उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है और उनका उपचार जारी है।

आडवाणी को इससे पहले मई 2026 में भी उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। वर्ष 2024 में भी उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। वर्ष 2024 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार में गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा की। फिलहाल उनके स्वास्थ्य को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार, डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। उनके उपचार से संबंधित किसी भी नई जानकारी के लिए अस्पताल या विश्वसनीय समाचार स्रोतों की आधिकारिक जानकारी पर ध्यान देना जरूरी है।

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