देश के कई शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर आम लोगों की नजर बनी हुई है। खासकर बिहार की राजधानी पटना से लेकर झारखंड की राजधानी रांची तक वाहन चालकों और कारोबारियों के लिए ईंधन के दाम महत्वपूर्ण बने हुए हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता रहने से लोगों को रोजमर्रा के खर्चों का हिसाब लगाने में कुछ राहत मिलती है। वहीं, परिवहन, माल ढुलाई और सार्वजनिक आवागमन से जुड़े कारोबारियों के लिए भी ईंधन की कीमतें काफी मायने रखती हैं। पेट्रोल-डीजल के दाम में बदलाव का असर केवल वाहन चलाने वालों पर ही नहीं, बल्कि बाजार में सामान की आपूर्ति और परिवहन लागत पर भी पड़ सकता है।
पटना और रांची जैसे प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतें स्थानीय करों, वैट और अन्य शुल्कों के कारण अलग-अलग हो सकती हैं। यही वजह है कि दोनों शहरों में पेट्रोल और डीजल के भाव की तुलना करते समय संबंधित शहर की ताजा दरों को देखना जरूरी होता है। यदि कीमतें स्थिर बनी रहती हैं, तो वाहन चालकों को अचानक बढ़े खर्च का सामना नहीं करना पड़ता। हालांकि, कीमतों में स्थिरता का अर्थ यह नहीं है कि पेट्रोल-डीजल हर शहर में एक ही भाव पर मिल रहे हैं।
14 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध ईंधन दरों के अनुसार, पटना में पेट्रोल 113.59 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.36 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया। वहीं, रांची में पेट्रोल की कीमत 105.26 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत एक अन्य उपलब्ध दर सूची के अनुसार 100.89 रुपये प्रति लीटर रही। इन आंकड़ों के मुताबिक, दोनों शहरों में पेट्रोल और डीजल के भाव में अंतर है।
ऐसे में वाहन चालकों को पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाने से पहले अपने शहर की ताजा कीमत जांच लेनी चाहिए। कीमतों में स्थिरता से लोगों को अपने मासिक बजट का अनुमान लगाने में मदद मिलती है, लेकिन परिवहन खर्च और महंगाई पर इसका वास्तविक असर कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है।

















