केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि कक्षा 10 से 12 तक की संशोधित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों को मिशन मोड में तैयार किया जा रहा है।
मंत्री ने यह भी कहा कि नए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचे (एनसीएफ) के अनुसार कक्षा 1 से 9 तक की पाठ्यपुस्तकें पहले ही जारी की जा चुकी हैं।
जोशी ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के 66वें स्थापना दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में ये टिप्पणियां कीं।
उन्होंने कहा, “एनसीईआरटी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण और कुशल, सक्षम और वैश्विक स्तर पर जिम्मेदार मानव संसाधनों के पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कक्षा 1 से 9 तक की नई पाठ्यपुस्तकें पहले ही प्रकाशित हो चुकी हैं और कक्षा 10 से 12 तक की पाठ्यपुस्तकें मिशन मोड में तैयार की जा रही हैं।”
जोशी ने कहा कि पिछले दो वर्षों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता "तेजी से हमारे रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बन गई है"।
उन्होंने कहा, “वर्षों के बीतने के साथ-साथ एआई का उपयोग बढ़ रहा है और यहां तक कि युवा वर्ग भी इसका उपयोग कर रहे हैं। हमारी पाठ्यपुस्तकों और पाठ्यक्रम को इन परिवर्तनों के साथ विकसित होना चाहिए और हमारे युवा शिक्षार्थियों को आत्मविश्वास और जिम्मेदारी के साथ एआई को समझने, उपयोग करने और उससे जुड़ने में मदद करनी चाहिए।”
उन्होंने कहा, “नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) इन सभी चुनौतियों और आवश्यकताओं के बारे में बात करती है। माता-पिता को इस बारे में अधिक जागरूक करने और बच्चों को तदनुसार परामर्श और निगरानी प्रदान करने के लिए भी काम किया जाना चाहिए।”
जोशी ने कहा कि कई देशों में बढ़ती बुजुर्ग आबादी के साथ, भारत का मानव संसाधन न केवल देश के लिए बल्कि दुनिया के लिए भी एक संपत्ति है।
उन्होंने कहा, “कई देश बढ़ती उम्र वाली आबादी की समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन भारत में युवाओं की संख्या काफी अधिक है। हमारा मानव संसाधन न केवल भारत के लिए बल्कि विश्व के लिए भी एक अमूल्य संपत्ति है। आने वाले वर्षों में मानव संसाधन रैंकिंग में और सुधार होगा। इसी प्रकार, विकसित भारत मिशन न केवल भारत के लिए बल्कि विश्व के लिए भी महत्वपूर्ण है।”













