सरकार ने कहा कि देश में प्याज की पर्याप्त उपलब्धता है और मौसमी मूल्य दबाव को कम करने के लिए कांडा एक्सप्रेस और सड़क परिवहन के माध्यम से बफर स्टॉक की सुनियोजित और लक्षित आपूर्ति शुरू कर दी गई है। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने कहा कि व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 30 से अधिक ट्रकों की तैनाती के साथ 19 शहरों में खुदरा बिक्री के प्रयासों का विस्तार किया गया है।
मंत्रालय ने सूचित किया है कि इस पहल के अंतर्गत नासिक से कांडा एक्सप्रेस की दो खेपें भेजी जा चुकी हैं। मंत्रालय ने आगे बताया कि 450 मीट्रिक टन प्याज से भरी पहली खेप दिल्ली पहुंच गई है, जिसे बाद में वाराणसी, लखनऊ, चंडीगढ़ और अमृतसर के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वितरित किया गया।
मंत्रालय ने आगे बताया कि प्याज से भरी दूसरी रेलगाड़ी, जिसमें 840 मीट्रिक टन प्याज था, कल चेन्नई पहुंच गई और संभवतः इसे तमिलनाडु के विभिन्न जिलों में वितरित किया जाएगा। मंत्रालय ने यह भी बताया कि मौजूदा बाजार स्थितियों और मूल्य रुझानों के आधार पर लगभग एक हजार मीट्रिक टन प्याज सड़क मार्ग से प्रमुख उपभोग केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है।
मंत्रालय ने सूचित किया है कि लगभग तीन हजार चार सौ किसानों को सीधे 210 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिससे समय पर भुगतान सुनिश्चित हुआ है। सरकार प्याज किसानों को समर्थन देने के साथ-साथ उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त और किफायती उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार ने रेलगाड़ियों के माध्यम से बड़ी मात्रा में प्याज की ढुलाई और निपटान के दौरान किसी भी प्रकार के रिसाव को रोकने और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय भी लागू किए हैं।
इसमें इस बात पर प्रकाश डाला गया कि बफर स्टॉक से प्याज की उपलब्धता में सुधार हुआ है और निपटान शुरू होने के अगले दिन से कीमतों में गिरावट देखी गई है, और आपूर्ति में वृद्धि से मूल्य स्थिरता को और अधिक समर्थन मिलने की उम्मीद है।
















