मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बीएलओ को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का आधार स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि भारत में मतदाता सूची की तैयारी और चुनावों का संचालन भारत के संविधान, कानून और ईसीआई द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार ही किया जाता है।
ज्ञानेश कुमार ने बुधवार को गोवा में बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) से संवाद किया। राज्य के विभिन्न हिस्सों से आये 1000 से अधिक बीएलओ इस बातचीत में शामिल हुए। इस अवसर पर बीएलओ की भूमिकाओं को कोकणी में और बीएलए की भूमिकाओं को अंग्रेज़ी में समझाने वाले छोटे वीडियो भी जारी किए गए। इस दौरान, गोवा की समृद्ध परंपराओं और विरासत का जश्न मनाते हुए एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
अपने उद्घाटन भाषण में, सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बीएलओ भारत निर्वाचन आयोग और नागरिकों के बीच का पहला संपर्क बिंदु है। उन्होंने कहा कि गोवा के बीएलओ ने मतदाता सूची की तैयारी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और अब भी निभा रहे हैं।
वहीं, मतदाता सूची की ईमानदारी बनाए रखने के लिए बीएलओ की सराहना करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि मतदाता सूचियां, साथ ही पूरी चुनाव प्रक्रिया, मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों द्वारा नियुक्त बूथ स्तर के प्रतिनिधि (बीएलए) और उम्मीदवारों के मतदान और मतगणना प्रतिनिधियों द्वारा एक साथ ऑडिट की जाती हैं।
बैठक के हिस्से के रूप में बीएलओ ने सीईसी के साथ प्रश्नोत्तर सत्र भी किया। बीएलओ को बातचीत के माध्यम से अपने संदेह को सीधे स्पष्ट करने का मौका मिला।
















