अरब सागर से आई बड़ी वैज्ञानिक खबर, मिली स्केट मछली की नई प्रजाति


विज्ञान 02 September 2026
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अरब सागर से आई बड़ी वैज्ञानिक खबर, मिली स्केट मछली की नई प्रजाति

भारतीय समुद्री जैव विविधता के क्षेत्र में वैज्ञानिकों को बड़ी सफलता मिली है। भारतीय प्राणी सर्वेक्षण यानी जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ZSI) के वैज्ञानिकों ने अरब सागर की गहराइयों से स्केट मछली की एक नई प्रजाति की खोज की है। इस खोज से भारत के समुद्री जीवों की विविधता को लेकर वैज्ञानिक जानकारी में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है। स्केट मछलियां शार्क और रे की करीबी रिश्तेदार मानी जाती हैं और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

नई प्रजाति गहरे समुद्र में पाई गई है। समुद्र की अधिक गहराई में रहने वाले जीवों का अध्ययन आसान नहीं होता। ऐसे क्षेत्रों में कम रोशनी, अत्यधिक दबाव और मुश्किल परिस्थितियों के कारण वैज्ञानिकों को नमूने जुटाने और उनकी पहचान करने के लिए विशेष तकनीकों का इस्तेमाल करना पड़ता है। नई स्केट प्रजाति की खोज इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अरब सागर के गहरे हिस्सों में मौजूद जैव विविधता के बारे में अभी बहुत कुछ जानना बाकी है।

शारीरिक बनावट और अन्य विशेषताओं का विस्तृत अध्ययन किया। स्केट की पहचान के दौरान उसके शरीर की संरचना, पंखों, दांतों, त्वचा और अन्य विशिष्ट लक्षणों की तुलना पहले से ज्ञात प्रजातियों से की गई। वैज्ञानिक वर्गीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद इसे एक अलग प्रजाति के रूप में पहचाना गया। स्केट मछलियां Rajiformes समूह से संबंधित होती हैं। इनका शरीर आमतौर पर चपटा होता है और इनके बड़े पेक्टोरल फिन शरीर के दोनों तरफ पंख जैसी आकृति बनाते हैं। कई स्केट प्रजातियां समुद्र तल के पास रहकर छोटे समुद्री जीवों को अपना भोजन बनाती हैं।

संरक्षण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण खोज स्केट और शार्क जैसे कार्टिलेज वाली मछलियों की कई प्रजातियां अत्यधिक मछली पकड़ने, समुद्री प्रदूषण और आवास में बदलाव के कारण दबाव का सामना कर रही हैं। कई बार ये मछलियां व्यावसायिक मछली पकड़ने के दौरान अनजाने में जाल में फंस जाती हैं। नई प्रजातियों की पहचान होने से उनकी आबादी और संरक्षण स्थिति का अलग से अध्ययन किया जा सकता है। ZSI भारत में जीव-जंतुओं के सर्वेक्षण, पहचान और वर्गीकरण के लिए प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों में शामिल है। समुद्री क्षेत्रों में की जा रही ऐसी खोजें बताती हैं कि भारत के आसपास मौजूद गहरे समुद्री क्षेत्रों में अब भी कई ऐसी प्रजातियां छिपी हो सकती हैं जिनका वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण होना बाकी है। अरब सागर से स्केट मछली की नई प्रजाति की खोज न केवल भारतीय वैज्ञानिकों की उपलब्धि है, बल्कि इससे देश की समुद्री जैव विविधता को समझने और उसके संरक्षण के प्रयासों को भी नई जानकारी मिलेगी।




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