फिटनेस डाइट का साइड इफेक्ट


सेहत/स्वाद 05 September 2026
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फिटनेस डाइट का साइड इफेक्ट

आज के समय में फिटनेस और मसल्स बनाने के लिए लोग अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ा रहे हैं। जिम जाने वाले लोगों से लेकर वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों तक, हाई प्रोटीन डाइट काफी लोकप्रिय हो गई है। अंडे, चिकन, पनीर, दाल, सोया, प्रोटीन शेक और सप्लीमेंट्स का सेवन बढ़ने लगा है। लेकिन कई लोगों को हाई प्रोटीन डाइट शुरू करने के बाद पेट में गैस, ब्लोटिंग, भारीपन और बदबूदार गैस जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सवाल यह है कि आखिर प्रोटीन बढ़ाने से पेट में गैस क्यों बनने लगती है? विशेषज्ञों के अनुसार, इसका कारण केवल प्रोटीन नहीं बल्कि डाइट में अचानक बदलाव, पाचन क्षमता और प्रोटीन के स्रोत भी हो सकते हैं।

हाई प्रोटीन डाइट से गैस बनने की मुख्य वजह

जब कोई व्यक्ति अचानक अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ा देता है तो शरीर को उसे पचाने के लिए समय चाहिए होता है। अचानक बदलाव के कारण पाचन तंत्र पर दबाव बढ़ सकता है और गैस या पेट फूलने जैसी समस्या हो सकती है। इसके अलावा कई बार समस्या प्रोटीन से ज्यादा उन चीजों से होती है जिनके साथ प्रोटीन लिया जा रहा है। जैसे प्रोटीन पाउडर में मौजूद लैक्टोज, आर्टिफिशियल स्वीटनर या अन्य एडिटिव्स कुछ लोगों के पेट में गैस पैदा कर सकते हैं।


प्रोटीन पाउडर से क्यों होती है परेशानी?

आजकल लोग जल्दी प्रोटीन पूरा करने के लिए प्रोटीन शेक का इस्तेमाल करते हैं। खासकर व्हे प्रोटीन कई लोगों में गैस और ब्लोटिंग की समस्या पैदा कर सकता है। इसके पीछे कुछ कारण हो सकते हैं— * **लैक्टोज असहिष्णुता:** दूध से बने कुछ प्रोटीन पाउडर में लैक्टोज होता है, जिसे कुछ लोगों का शरीर आसानी से पचा नहीं पाता। * **आर्टिफिशियल स्वीटनर:** कुछ प्रोटीन पाउडर में मौजूद शुगर अल्कोहल जैसे तत्व पेट में किण्वन कर गैस बना सकते हैं।

**अचानक ज्यादा मात्रा लेना:** कम प्रोटीन से सीधे ज्यादा प्रोटीन पर जाने से पाचन तंत्र को परेशानी हो सकती है। कौन से प्रोटीन फूड ज्यादा गैस बना सकते हैं? हर व्यक्ति का पाचन अलग होता है। कुछ लोगों को कुछ खास प्रोटीन स्रोतों से ज्यादा गैस महसूस हो सकती है।

1. दाल और बीन्स

दालें और बीन्स प्रोटीन के साथ-साथ फाइबर से भरपूर होती हैं। इनमें मौजूद कुछ कार्बोहाइड्रेट बड़ी आंत में बैक्टीरिया द्वारा टूटते हैं, जिससे गैस बन सकती है।

2. अंडे

अंडे कई लोगों के लिए अच्छा प्रोटीन स्रोत हैं, लेकिन इनमें मौजूद सल्फर कंपाउंड कुछ लोगों में गैस की बदबू बढ़ा सकते हैं।

3. डेयरी प्रोडक्ट

दूध, पनीर और व्हे प्रोटीन से कुछ लोगों को लैक्टोज की वजह से गैस, पेट दर्द या सूजन हो सकती है। क्या ज्यादा प्रोटीन लेना हमेशा सही है? प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है।

यह मांसपेशियों की मरम्मत, शरीर की ताकत और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है। लेकिन जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से कुछ लोगों में पेट की समस्या, कब्ज और भारीपन जैसी परेशानी हो सकती है। खासकर जब डाइट में फाइबर और पानी की मात्रा कम हो जाए। गैस से बचने के आसान तरीके अगर हाई प्रोटीन डाइट लेने के बाद गैस की समस्या हो रही है तो कुछ बदलाव मददगार हो सकते हैं।

धीरे-धीरे बढ़ाएं प्रोटीन एकदम से प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने के बजाय धीरे-धीरे इसे बढ़ाएं। इससे शरीर को नए डाइट पैटर्न के अनुसार ढलने का समय मिलेगा। पर्याप्त पानी पिएं प्रोटीन बढ़ाने के साथ पानी की मात्रा भी बढ़ाना जरूरी है। कम पानी पीने से पाचन धीमा हो सकता है और पेट भारी लग सकता है। फाइबर को डाइट में शामिल करें सब्जियां, फल और साबुत अनाज खाने से पाचन बेहतर रहता है। हाई प्रोटीन डाइट में फाइबर की कमी होने से कब्ज और गैस बढ़ सकती है। सही प्रोटीन स्रोत चुनें अगर किसी खास प्रोटीन पाउडर से गैस बन रही है तो उसका ब्रांड या प्रकार बदलकर देखा जा सकता है।

कुछ लोगों को कम लैक्टोज वाला व्हे प्रोटीन या प्लांट बेस्ड प्रोटीन ज्यादा आसानी से पचता है। खाना धीरे-धीरे खाएं जल्दी-जल्दी खाना खाने से पेट में ज्यादा हवा जा सकती है, जिससे गैस और ब्लोटिंग बढ़ सकती है। कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए? अगर गैस के साथ लगातार पेट दर्द, दस्त, उल्टी, अचानक वजन कम होना या लंबे समय तक पेट की समस्या बनी रहती है तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। कई बार गैस केवल डाइट की वजह से नहीं बल्कि किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी या पाचन संबंधी समस्या के कारण भी हो सकती है।


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