विदेश मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में ईरानी मंत्री सैयद अली मदनिजादेह से मुलाकात की।


देश 13 September 2026
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विदेश मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में ईरानी मंत्री सैयद अली मदनिजादेह से मुलाकात की।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज नई दिल्ली में ईरान के आर्थिक मामलों और वित्त मंत्री सैयद अली मदनिज़ादेह से मुलाकात की। सुश्री सीतारमण ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ईरान की भागीदारी और वित्त संबंधी चर्चाओं में उसके रचनात्मक योगदान के लिए उसे धन्यवाद दिया।

वित्त मंत्रालय ने बताया कि बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आर्थिक विकास से संबंधित मुद्दों और पारस्परिक हित के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

द्विपक्षीय बैठक का विवरण

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में ईरान के आर्थिक मामलों और वित्त मंत्री सैयद अली मदनिज़ादेह के साथ एक महत्वपूर्ण उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठक की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य भारत और ईरान के बीच आर्थिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करना तथा आपसी हितों के विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाओं को तलाशना था।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर चर्चा

बैठक के दौरान, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में ईरान की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। उन्होंने वित्त से जुड़ी विभिन्न चर्चाओं और बैठकों में ईरान द्वारा दिए गए रचनात्मक योगदान के लिए ईरानी नेतृत्व का विशेष रूप से धन्यवाद किया। ब्रिक्स के एक नए सदस्य के रूप में ईरान की यह भागीदारी वैश्विक आर्थिक मंच पर रणनीतिक महत्व रखती है, जिस पर दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक चर्चा हुई।

आर्थिक सहयोग के नए आयाम

भारतीय वित्त मंत्रालय के आधिकारिक बयानों के अनुसार, इस बैठक में दोनों देशों के बीच वैश्विक और क्षेत्रीय आर्थिक विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि मौजूदा भू-राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य में भारत और ईरान के बीच आपसी सहयोग को बढ़ावा देना दोनों राष्ट्रों के दीर्घकालिक हित में है। बातचीत के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • पारस्परिक हित के क्षेत्र: व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया गया।

  • वित्तीय साझेदारी: बैंकिंग तंत्र, मुद्रा विनिमय और द्विपक्षीय व्यापारिक भुगतानों को सुगम बनाने के लिए वित्तीय अधिकारियों के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने पर सहमति बनी।

  • क्षेत्रीय स्थिरता: चाबहार बंदरगाह और अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (INSTC) जैसे रणनीतिक प्रोजेक्ट्स के माध्यम से क्षेत्रीय संपर्क (कनेक्टिविटी) को मजबूत करने पर बल दिया गया।

यह बैठक दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को एक नई गति प्रदान करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। इससे भविष्य में दोनों देशों के व्यापारिक और वित्तीय रिश्तों में और अधिक प्रगाढ़ता आने की पूरी उम्मीद है।

इस बैठक के बाद किन विशिष्ट आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग को सबसे पहले आगे बढ़ाने पर दोनों पक्षों की सहमति बनी है, क्या आप इसके बारे में अधिक जानना चाहते हैं

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