इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत IndiaAI Mission ने नई दिल्ली स्थित Electronics Niketan में स्वीडन के प्रतिनिधिमंडल के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटलाइजेशन के क्षेत्र में सहयोग को लेकर द्विपक्षीय बातचीत की।
यह बातचीत Sweden-India Technology and AI Corridor (SITAC) के तहत हुई। इसमें MeitY, IndiaAI Mission, भारत में स्वीडन के दूतावास, Business Sweden और स्वीडन की प्रमुख कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
भारत और स्वीडन के AI इकोसिस्टम में तालमेल पर जोर
बैठक में भारत के तेजी से विकसित हो रहे AI इकोसिस्टम, डिजिटलाइजेशन की प्राथमिकताओं और AI के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम की शुरुआत MeitY के International Cooperation Division के Joint Secretary अजीत कुमार के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद IndiaAI Mission के CEO सौरभ विजय ने शुरुआती संबोधन दिया। भारत में स्वीडन के दूतावास की Minister Counsellor और Deputy Head of Mission एग्नेस जूलिन ने भी अपने विचार रखे।
सौरभ विजय ने कहा कि स्वीडन के पास औद्योगिक, रिसर्च और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग का गहरा अनुभव है, जबकि भारत के पास बड़े स्तर पर काम करने की क्षमता, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और AI प्रतिभाओं का बड़ा पूल है।
AI इन्फ्रास्ट्रक्चर और Safe & Trusted AI पर फोकस
IndiaAI Mission ने भारत के AI इकोसिस्टम और डिजिटल रोडमैप की जानकारी स्वीडिश प्रतिनिधिमंडल के सामने रखी।
प्रेजेंटेशन में IndiaAI Mission की प्रमुख प्राथमिकताओं में कंप्यूट क्षमता, डेटासेट और मॉडल, स्वदेशी और डोमेन-स्पेसिफिक AI, एप्लिकेशन डेवलपमेंट, भविष्य की स्किल्स, स्टार्टअप फाइनेंसिंग और Safe & Trusted AI को शामिल किया गया।
बैठक में यह भी बताया गया कि भारत अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन इकोसिस्टम और जिम्मेदार AI के इस्तेमाल को लगातार मजबूत कर रहा है। इससे अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी और औद्योगिक कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
डेटा गवर्नेंस और AI रेगुलेशन पर भी चर्चा
दोनों पक्षों ने भारत में Enterprise AI को अपनाने से जुड़े नीतिगत, इंफ्रास्ट्रक्चर और गवर्नेंस से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
इसमें Data Governance, Data Localisation, Responsible AI और Market Access जैसे विषय प्रमुख रहे।
स्वीडिश प्रतिनिधिमंडल ने SITAC और AI तथा डिजिटलाइजेशन से जुड़े स्वीडन के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की जानकारी साझा की। Business Sweden के Market Manager जॉनी एरिक्सन ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
स्वीडन की कई बड़ी कंपनियों ने लिया हिस्सा
चर्चा में स्वीडन की प्रमुख कंपनियों Autoliv, Consat, IKEA, Saab, Sandvik AI, Sandvik Intelligent Manufacturing, SKF और Volvo Group के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
वहीं, भारत की AI और टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों में Tech Mahindra, Tata Consultancy Services (TCS), Zenteiq, Avataar AI, Innefu, CoRover.ai, Gnani और Globals ITES के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में स्वीडन की औद्योगिक और टेक्नोलॉजी क्षमताओं तथा भारत की AI प्राथमिकताओं के बीच संभावित तालमेल के क्षेत्रों पर चर्चा हुई। इनमें Industrial AI, Trusted Data, Compute, Skills और Responsible AI शामिल रहे।
पायलट प्रोजेक्ट और को-डेवलपमेंट की संभावनाएं
भारतीय AI और टेक्नोलॉजी कंपनियों की भागीदारी से स्वीडिश प्रतिनिधिमंडल को भारत की Enterprise AI क्षमताओं, टेक्नोलॉजी समाधानों और इस्तेमाल के लिए तैयार इनोवेशन को समझने का अवसर मिला।
दोनों पक्षों ने संभावित पायलट प्रोजेक्ट, टेस्टबेड, को-डेवलपमेंट, कमर्शियल पार्टनरशिप और इंडस्ट्री सहयोग के अवसरों की पहचान करने पर भी चर्चा की।
SITAC के तहत हुई यह बातचीत AI और डिजिटलाइजेशन के क्षेत्र में भारत-स्वीडन सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक केंद्रित और निरंतर एजेंडा तैयार करने में मदद कर सकती है।
AI के जिम्मेदार और भरोसेमंद इस्तेमाल पर साझा जोर
बैठक में भारत और स्वीडन की ओर से AI और उभरती तकनीकों के जरिए इनोवेशन, Enterprise AI को अपनाने और टेक्नोलॉजी आधारित विकास को मजबूत करने में साझा रुचि सामने आई।
दोनों देशों ने जिम्मेदार और भरोसेमंद AI इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के साथ-साथ भविष्य में पायलट प्रोजेक्ट, टेस्टबेड और अन्य औद्योगिक साझेदारियों के जरिए सहयोग आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया।

















