आज नई दिल्ली में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन भाषण देंगे। आकाशवाणी न्यूज से बात करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मुरलीमनोहर पाठक ने बताया कि दीक्षांत समारोह में एक हजार तीन सौ से अधिक छात्रों के शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि उपराष्ट्रपति सर्वोच्च शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले तीन मेधावी छात्रों को शंकर दयाल शर्मा पदक प्रदान करेंगे। उन्होंने आगे बताया कि इस समारोह के दौरान 240 छात्रों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की जाएगी, जबकि 2024, 2025 और 2026 के तीन शैक्षणिक वर्षों के 60 छात्रों को स्वर्ण पदक दिए जाएंगे
नई दिल्ली में आज लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय का दूसरा दीक्षांत समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे। समारोह को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और विद्यार्थियों में विशेष उत्साह है। यह आयोजन उच्च शिक्षा, संस्कृत अध्ययन और भारतीय ज्ञान परंपरा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को रेखांकित करने वाला महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
आकाशवाणी न्यूज से बातचीत में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मुरलीमनोहर पाठक ने बताया कि दीक्षांत समारोह में एक हजार तीन सौ से अधिक छात्रों के शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह समारोह विद्यार्थियों के लिए उनके शैक्षणिक जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धि का प्रतीक होगा। दीक्षांत समारोह के माध्यम से विद्यार्थियों को उनकी मेहनत, प्रतिभा और अकादमिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाएगा।
कुलपति ने बताया कि समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन सर्वोच्च शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले तीन मेधावी छात्रों को शंकर दयाल शर्मा पदक प्रदान करेंगे। इन पदकों के माध्यम से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जाएगा और उन्हें भविष्य में शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। विश्वविद्यालय के लिए भी यह सम्मान विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रतिभा को पहचान देने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।
प्रोफेसर पाठक के अनुसार, दीक्षांत समारोह में कुल 240 छात्रों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की जाएगी। यह संख्या विश्वविद्यालय में उच्च स्तरीय शोध और अकादमिक गतिविधियों के विस्तार को दर्शाती है। पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने अपने-अपने विषयों में शोध कार्य पूरा किया है और अब वे शिक्षा, शोध तथा अन्य संबंधित क्षेत्रों में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग कर सकेंगे।
इसके अलावा, 2024, 2025 और 2026 के तीन शैक्षणिक वर्षों के कुल 60 छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। ये पदक विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को दिए जाएंगे। स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले छात्रों की उपलब्धि विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय होगी।
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय संस्कृत भाषा, साहित्य, दर्शन और भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्ययन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे समारोह विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों का सम्मान देने के साथ-साथ भारतीय शिक्षा और संस्कृत अध्ययन की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करते हैं। उपराष्ट्रपति का संबोधन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक रहेगा और उन्हें राष्ट्र निर्माण में अपनी शिक्षा एवं ज्ञान का सकारात्मक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। कुल मिलाकर, विश्वविद्यालय का दूसरा दीक्षांत समारोह शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध और प्रतिभा के सम्मान का महत्वपूर्ण अवसर बनने जा रहा है।














