सब्सक्रिप्शन के लिए एसएमआर ज्वेल्स का आईपीओ लॉन्च, 29 मई तक बोली संभव


व्यापार 26 May 2026
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सब्सक्रिप्शन के लिए एसएमआर ज्वेल्स का आईपीओ लॉन्च, 29 मई तक बोली संभव

नई दिल्ली, 26 मई। ज्वेलरी सेक्टर के लिए काम करने वाली कंपनी एसएमआर ज्वेल्स लिमिटेड का 67.23 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 29 मई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद एक जून को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि दो जून को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर तीन जून को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 128 रुपये से लेकर 135 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,000 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 2,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,70,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 49.80 लाख शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें लगभग 51 करोड़ रुपये के 37.51 लाख नए शेयर और लगभग 13 करोड़ रुपये के 9.80 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं। इसके अलावा 2.49 लाख नए शेयर मार्केट मेकर के लिए रिजर्व रखे गए हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए सिर्फ 9.50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 47.51 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 37.99 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए पांच प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए वेल्थ माइन नेटवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि पूर्वा शेयरगिस्त्री (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। रिखव सिक्योरिटीज लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

एसएमआर ज्वेल्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 91 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 3.85 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 10.41 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 18.56 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 67.53 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 124.52 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 263.25 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 308.72 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 6.33 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 7.65 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 8.57 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 16.54 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 1.04 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 4.88 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 24.14 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 42.69 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 1.03 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 4.87 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 19.25 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 28.04 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।

कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) की बात करें, तो 2022-23 में ये 1.96 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 6.14 करोड़ रुपये और 2024-25 में 15.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 26.71 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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