वॉशिंगटन। अमेरिका में सामान भेजने वाली विदेशी कंपनियों की अब कड़ी जांच होगी। टैरिफ चोरी और नकली या अवैध सामान पर सख्त कार्रवाई होगी और नियम तोड़ने वालों के लिए अमेरिका में व्यापार करना मुश्किल हो सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक व्यापक कार्यकारी आदेश (एग्जीक्यूटिव ऑर्डर) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका मकसद अमेरिका में आने वाले विदेशी सामानों की कड़ी जांच करना और टैरिफ (आयात शुल्क) चोरी रोकना है।
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि कई विदेशी कंपनियां नियमों की कमियों का फायदा उठाकर शुल्क चोरी करती हैं और अमेरिकी उद्योगों को नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए सरकार व्यापार नियमों को सख्ती से लागू करना चाहती है। इस आदेश के तहत अमेरिका में सामान भेजने वाली कंपनियों को अब ज्यादा जानकारी देनी होगी। कंपनियों को बताना होगा कि उनके असली मालिक कौन हैं। जो कंपनियां गलत जानकारी देंगी या शुल्क चोरी करेंगी, उन पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। आयातकों से ज्यादा वित्तीय गारंटी (बॉन्ड) मांगी जा सकती है। कस्टम्स विभाग ऑडिट और जांच को और सख्त करेगा।
अगर कोई भारतीय या अन्य विदेशी कंपनी अमेरिका को सामान बेचती है तो उसे नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। गलत जानकारी देने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
आदेश के तहत अमेरिका को निर्यात करने वाली विदेशी कंपनियों की ज्यादा जांच होगी। विदेशी कंपनियां कुछ आसान आयात प्रक्रियाओं का फायदा नहीं उठा पाएंगी। अमेरिका में सामान भेजने के लिए अतिरिक्त नियमों का पालन करना होगा।
इस आदेश के तहत संघीय एजेंसियों को कस्टम्स प्रक्रियाओं में बदलाव करने, आयातकों से अधिक जानकारी लेने, ऑडिट और जुर्माने को सख्त करने तथा उन खामियों को बंद करने का निर्देश दिया गया है, जिनकी वजह से कंपनियां शुल्क से बच निकलती हैं, अपनी वास्तविक मालिकाना संरचना छिपाती हैं और अमेरिकी व्यापार कानूनों को दरकिनार करती हैं।









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