15 दिन से धधक रहा कचरा संग्रहण केंद्र, जहरीले धुएं से त्रस्त सैंकड़ों परिवारों का फूटा गुस्सा

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15 दिन से धधक रहा कचरा संग्रहण केंद्र, जहरीले धुएं से त्रस्त सैंकड़ों परिवारों का फूटा गुस्सा

धमतरी, 10 जून । सोरिद स्थित कचरा संग्रहण केंद्र में पिछले 15 दिनों से लगी आग से उठ रहे जहरीले धुएं ने आसपास के क्षेत्रों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। सोरिद कॉलोनी, काली मंदिर क्षेत्र, जोधापुर और डाक बंगला वार्ड के हजारों परिवार धुएं और प्रदूषण से परेशान हैं। नगर निगम की कथित लापरवाही के विरोध में बुधवार को कांग्रेस पार्षदों और बड़ी संख्या में वार्डवासियों ने कचरा संग्रहण केंद्र के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन करते हुए घेराव किया।

प्रदर्शन के दौरान “जहरीला धुआं नहीं सहेंगे”, “निगम प्रशासन होश में आओ”, “हजारों जिंदगी दांव पर, निगम शर्म करो” और “एनजीटी के नियम तोड़ना बंद करो” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। आक्रोशित लोगों ने कुछ समय के लिए कचरा वाहनों की आवाजाही भी रोक दी। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि लगातार जल रहे कचरे से निकलने वाला धुआं घरों तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने कहा कि धुएं के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है और रातभर खांसी व घुटन से परेशान रहना पड़ रहा है। उपनेता प्रतिपक्ष विशु देवांगन ने बताया कि क्षेत्र में अस्थमा, सांस संबंधी रोग, आंखों में जलन और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं, जिनका सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं पार्षद सुमन मेश्राम ने कहा कि हजारों परिवारों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 15 दिनों से आग जल रही है, लेकिन उसे पूरी तरह बुझाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। यह नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के नियमों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आग पर तत्काल नियंत्रण नहीं पाया गया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वार्डवासी और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

प्रदर्शन के दौरान कचरा संग्रहण केंद्र पहुंचे नगर निगम के सब इंजीनियर कमलेश ठाकुर को भी आक्रोशित वार्डवासियों और कांग्रेस पार्षदों के सवालों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आश्वासन दिया कि आग बुझाने के लिए दमकल वाहन बुलाया गया है तथा नए कचरे को प्रभावित क्षेत्र से दूर रखा जाएगा, ताकि आग और अधिक न फैले।

उड़ रहा जहरीला धुंआ

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कचरा जलने से डाइऑक्सिन, फ्यूरान, कार्बन मोनोऑक्साइड और पीएम-2.5 जैसे खतरनाक तत्व वातावरण में फैल रहे हैं, जो कैंसर, फेफड़ों की बीमारी और हृदय संबंधी रोगों का खतरा बढ़ाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कचरे के वैज्ञानिक निपटान और अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।

प्रदर्शन में पार्षद योगेश लाल, सूर्यप्रभा चटियार, शास्त्री सोनवानी, राकेश ग्वाल, सुनील जानसन, पहल सिंह, प्रवीण गजेंद्र, गोपी साहू, अमित बाघमारिया, भुवन लाल सिन्हा, रॉबिन सीवियर, अवधेश ठाकुर, गणेश्वरी कामड़े, रोशनी ढीमर, अग्निबाई, साधना देवांगन, बसंता मंडावी, मोतिम मेश्राम, राजू यादव, पकलू ढीमर, केकती बाई, मिथिलेश बाई, तामेश्वरी ध्रुव, तरुणा बाई, जोहत्री बाई सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और वार्डवासी उपस्थित रहे।

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