मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष के हंगामें के चलते कार्यवाही रही प्रभावित


देश 20 July 2026
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मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष के हंगामें के चलते कार्यवाही रही प्रभावित

संसद के मानसून सत्र का पहला दिन सोमवार को विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, नीट एवं अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुद्दे समेत विभिन्न विषयों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष के लगातार विरोध के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। अंततः दोनों सदनों की कार्यवाही मंगलवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई।

इसी बीच लोकसभा में सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने संबंधी ‘सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश किया गया। वहीं राज्यसभा में 'वंदे मातरम्' को राष्ट्रगान के समान सम्मान देने से संबंधित विधेयक राज्यसभा में पेश नहीं हो सका।

संसद परिसर के बाहर भी विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन के चलते सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और संसद भवन की ओर आने-जाने वाले मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई।

लोकसभा की कार्यवाही प्रारंभ होते ही अध्यक्ष ने कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी सहित छह पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक व्यक्त किया। श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर तीन बार थोड़े अंतराल के लिए स्थगित होेने के बाद तीन बजे पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। इसी दौरान केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने संबंधी संशोधन विधेयक सदन में प्रस्तुत किया।

दूसरी ओर राज्यसभा में मानसून सत्र के पहले दिन नौ नवनिर्वाचित सदस्यों ने शपथ ग्रहण की। इनमें गुजरात से मुकेशभाई जे. राठवा, कर्नाटक से पवन खेड़ा, मध्य प्रदेश से महेश केवट, मेघालय से जेम्स पांगसांग कोंगकल संगमा, मिजोरम से खियांगते ललतलुआगकिमा, राजस्थान से सतीश पूनिया तथा पश्चिम बंगाल से प्रकाश चिक बराइक, सुष्मिता देव और सुखेंदु शेखर राय शामिल हैं।

सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने पूर्व सदस्यों बलबीर पुंज, स्वपन साधन बोस (टूटू बोस), रंगासायी रामकृष्ण और एच. हनुमंथप्पा के निधन पर शोक व्यक्त किया तथा कतर के पूर्व अमीर को भी श्रद्धांजलि दी।

श्रद्धांजलि के बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, नीट और अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए इन विषयों पर तत्काल चर्चा की मांग की। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही पहले 12 बजे, फिर 12:30 बजे, उसके बाद 12: 50, फिर दो बजे और फिर 2:30 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

दोपहर बाद कार्यवाही शुरू होने पर उपसभापति हरिवंश ने सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि संसद संवाद और चर्चा का मंच है तथा पूरे दिन कोई विधायी कार्य नहीं हो सका। हालांकि हंगामा जारी रहने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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