लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्गमंत्री नितिन गडकरी व अन्य ने 'विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस' पर मंगलवार को देशवासियों को शुभकामनाएं दी।
ओम बिरला ने एक्स पर कहा, '' विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर, आइए याद रखें कि प्रकृति की रक्षा करने का मतलब है अपने भविष्य की रक्षा करना। प्रकृति संरक्षण का मतलब सिर्फ़ वन्यजीवों को बचाना नहीं है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जंगलों, नदियों, साफ़ हवा और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना भी है। हर छोटा कदम मायने रखता है। पेड़ लगाएं, पानी बचाएं, प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें और वन्यजीवों का सम्मान करें। आइए, एक ज़्यादा हरे-भरे, स्वस्थ और टिकाऊ भविष्य के निर्माण के लिए मिलकर काम करें।''
नितिन गडकरी ने कहा, '' प्रकृति सिर्फ हमारी विरासत नहीं है बल्कि यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी भी है। आइए, इस अवसर पर हम समझदारी भरे फैसलों और सामूहिक प्रयासों से अपने जंगलों, नदियों, वन्यजीवों तथा जैव-विविधता की रक्षा करने का संकल्प लें। हम सब मिलकर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा, स्वस्थ और टिकाऊ भविष्य बना सकते हैं।''
केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याणमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ''आज 'विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस' है। प्रकृति हम सभी के जीवन का मज़बूत आधार है। इसकी समृद्धि से ही इंसानी जीवन स्वस्थ और खुशहाल बना रहेगा। जब यह धरती बचेगी, तभी इंसानों और सभी जीवों का जीवन भी सुरक्षित रहेगा। आइए, इस अवसर पर हम सब मिलकर संकल्प लें चाहे वह पेड़ लगाने का हो, सिंगल-यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने का हो, पानी या बिजली बचाने का हो, या फिर जल संरक्षण, नदियों को साफ रखने और स्वच्छता बनाए रखने पर ध्यान देने का हो। एक छोटा सा संकल्प भी दुनिया बदल सकता है। हम अपने देश और दुनिया को बदलें, ताकि यह धरती सभी जीवों और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित बनी रहे।''
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, '' एक समृद्ध ग्रह की शुरुआत जिम्मेदार फैसलों से होती है। आइए हम अपनी प्राकृतिक विरासत को बचाने और ऐसे साफ-सुथरे ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा देने का संकल्प लें, जो पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए तरक्की को आगे बढ़ाएं।''
केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारितामंत्री डॉ वीरेन्द्र कुमार ने कहा, ''स्वच्छ जल हरित वन, समृद्ध जैव विविधता और संतुलित पर्यावरण ही विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत की आधारशिला हैं। प्रकृति के प्रति संवेदनशील जीवनशैली अपनाकर तथा पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाकर ही हम आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और सशक्त भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। आइए विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाकर प्रकृति के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करें।''
केन्द्रीय कपड़ामंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, ''आइए, इस अवसर पर हम पेड़ लगाने, पर्यावरण को स्वच्छ रखने और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने का संकल्प लें। आइए, आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा और समृद्ध भविष्य बनाएं।''
लोकसभा अध्यक्ष व अन्य ने 'विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस' की देशवासियों को दी शुभकामनाएं















