नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा के बाद भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट, अररिया प्रशासन ने बढ़ाई चौकसी


विदेश 27 July 2026
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नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा के बाद भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट, अररिया प्रशासन ने बढ़ाई चौकसी

नेपाल के सुनसरी जिले के कप्तानगंज में दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प और सांप्रदायिक तनाव के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। घटना में 24 वर्षीय बोलबम श्रद्धालु ओमप्रकाश मेहता की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद सीमावर्ती बिहार के अररिया जिले में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अररिया के जिलाधिकारी (डीएम) विनोद दूहन और पुलिस अधीक्षक (एसपी) जितेन्द्र कुमार ने सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। दोनों अधिकारियों ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) राजकिशोर कुमार के साथ फुलकाहा और घूरना थाना क्षेत्रों से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा का गहन निरीक्षण किया तथा सुरक्षा में तैनात अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मानिकपुर, कोशिकापुर समेत कई सीमावर्ती गांवों का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक लोगों से मुलाकात कर क्षेत्र की स्थिति की जानकारी ली तथा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नेपाल की घटना का किसी भी प्रकार का प्रभाव भारतीय क्षेत्र में नहीं पड़ने दिया जाएगा।

सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) की 56वीं और 52वीं बटालियन के अधिकारियों के साथ बैठक कर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सीमा पर चौकसी और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। भारत-नेपाल सीमा से आने-जाने वाले प्रत्येक संदिग्ध व्यक्ति और वाहन की सघन जांच की जा रही है। सीमा पर अतिरिक्त पुलिस बल और एसएसबी के जवानों की तैनाती कर संयुक्त गश्त तेज कर दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

जिलाधिकारी विनोद दूहन ने सीमावर्ती गांवों में ग्रामीणों के साथ बैठक कर शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या असामाजिक तत्व की जानकारी तत्काल पुलिस एवं प्रशासन को देने का आग्रह किया।

पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है तथा खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या तनावपूर्ण स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।

प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करने की अपील की है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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