भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (पीओजेके) में कराए जा रहे तथाकथित विधानसभा चुनावों को पाकिस्तान द्वारा अपने अवैध कब्जे को छुपाने और क्षेत्र में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन को छिपाने का प्रयास बताया है। आज दोपहर नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे दिखावटी चुनावी प्रक्रिया करार दिया और कहा कि जम्मू, कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं। जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर में चल रहे जन विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान के आर्थिक शोषण, लोगों के मौलिक अधिकारों के हनन और प्रशासनिक दमन का प्रत्यक्ष परिणाम हैं।
सार्क के मुद्दे पर श्री जायसवाल ने कहा कि भारत मजबूत क्षेत्रीय सहयोग का समर्थक है और कई दशकों से इसके लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में हर कोई जानता है कि कौन सा देश और कौन सी गतिविधियां सार्क के विकास में बाधा डाल रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि सहयोग के लिए सद्भावना आवश्यक है।
पाकिस्तान की युवा पीढ़ी (जेनरेशन Z) से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि सभी जानते हैं कि पाकिस्तान दशकों से भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की जनता, जिसमें जेनरेशन Z भी शामिल है, लंबे समय से मांग कर रही है कि पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद का अंत होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके समकक्ष इस बात पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
पाकिस्तान और सिंधु घाटी सभ्यता के विषय पर श्री जायसवाल ने कहा कि जो देश दशकों से सीमा पार आतंकवाद, धार्मिक कट्टरवाद और हिंसा को बढ़ावा दे रहा है, वह किसी भी प्रकार की बहुलवादी सांस्कृतिक विरासत का दावा नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों और उनके सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा के मामले में उनका बेहद खराब रिकॉर्ड ऐसे बेबुनियाद प्रयासों को और भी खोखला बना देता है।
ओडेसा बंदरगाह पर एमवी एजीएन राग्नार पर हुए हमले के संबंध में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि जहाज पर चार भारतीय नागरिक सवार थे, जिनमें से दो सुरक्षित हैं, जबकि दो अभी भी लापता हैं। उन्होंने आगे कहा कि तलाशी अभियान जारी है और मंत्रालय स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। श्री जायसवाल ने बताया कि सरकार ने लापता दोनों भारतीय नागरिकों के परिवारों से भी संपर्क स्थापित कर लिया है।
चीन के साथ सीमा व्यापार से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि दोनों पक्ष पिछले वर्ष तीन निर्धारित व्यापारिक बिंदुओं के माध्यम से सीमा व्यापार को फिर से खोलने पर सहमत हुए थे। ये बिंदु लिपुलेख दर्रा, शिपकी ला दर्रा और नाथू ला दर्रा हैं।
नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के संबंध में श्री जायसवाल ने कहा कि ब्रिटेन में कुछ न्यायिक कार्यवाही चल रही है। उन्होंने बताया कि इन कानूनी कार्यवाही के समाप्त होने के बाद, उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। श्री जायसवाल ने कहा कि सरकार का रुख इस बात पर अडिग है कि सभी भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया जाए और यहीं न्यायिक प्रक्रिया का सामना कराया जाए।















