नई दिल्ली, 29 जुलाई। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई प्रमुख नेताओं ने देशवासियों को बधाई देते हुए गुरु-शिष्य परंपरा, भारतीय संस्कृति और ज्ञान के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
राधाकृष्णन ने गुरु पूर्णिमा पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु ज्ञान संस्कार और सदाचार के आलोक-स्तंभ हैं। गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि सत्य, कर्तव्य और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देते हैं। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए ज्ञान, चरित्र, विनम्रता और सेवा-भाव से राष्ट्र निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
ओम बिरला ने गुरु पूर्णिमा को भारतीय संस्कृति की सनातन चेतना का उत्सव बताते हुए कहा कि गुरु व्यक्ति को केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन जीने की कला, सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देते हैं। उन्होंने सभी गुरुजनों, शिक्षकों और मार्गदर्शकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। उन्होंने समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माण में योगदान देने वाले सभी गुरुजनों को नमन करते हुए देशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि गुरु केवल ज्ञान के दाता नहीं, बल्कि संस्कार और चरित्र के शिल्पकार हैं। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को भारत की सांस्कृतिक चेतना की अमूल्य धरोहर बताते हुए राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाकर सत्य, धैर्य, जिज्ञासा और करुणा का मार्ग दिखाने वाले सभी गुरुजनों को सादर नमन।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरु पूर्णिमा पर जगद्गुरु आदि शंकराचार्य को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके अद्वैत दर्शन ने भारत की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक चेतना को सशक्त किया है। उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में उनके विचारों को शांति और विश्वबंधुत्व का मार्गदर्शक बताया।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने लोगों से अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके बताए आदर्शों का अनुसरण करने का आह्वान किया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए गौतम बुद्ध के विचार "तीन चीजें, जो देर तक छिप नहीं सकतीं सूर्य, चंद्रमा और सत्य" का उल्लेख किया। उन्होंने सभी गुरुजनों, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को नमन करते हुए उनके ज्ञान और संस्कारों को जीवन की सही दिशा बताया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि गुरु भारतीय संस्कृति की धुरी हैं और वही व्यक्ति को आत्मबोध, समाज को सदाचार तथा राष्ट्र को वैभव के पथ पर अग्रसर करते हैं। उन्होंने समस्त गुरुजनों और ऋषि परंपरा को नमन किया।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि संस्कार, विवेक और जीवन का सही मार्ग भी दिखाते हैं। उन्होंने सभी के जीवन में ज्ञान, सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरु पूर्णिमा पर सभी गुरुजनों को नमन करते हुए कहा कि गुरु बच्चों के व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं और सही-गलत का भेद सिखाकर समाज की मजबूत नींव तैयार करते हैं। उन्होंने लोगों से गुरुओं का सम्मान करने और उनके ज्ञान से जीवन को प्रकाशित करने की अपील की।














