कोरबा, 04 अगस्त । आयुर्वेद और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को कोरबा में आयुर्वेद शिरोमणि परम पूज्य आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिवस के अवसर पर जड़ी-बूटी दिवस मनाया गया।
इस अवसर पर पतंजलि चिकित्सालय श्री शिव औषधालय, निहारिका रोड में आयोजित कार्यक्रम में 37 प्रकार के औषधीय पौधों का निःशुल्क वितरण किया गया। साथ ही आम लोगों को इन पौधों के औषधीय गुणों, उपयोग की विधि और स्वास्थ्य लाभ की विस्तृत जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम का आयोजन नगर पालिक निगम कोरबा के स्वास्थ्य अधिकारी संजय तिवारी के मुख्य आतिथ्य, एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल लायंस क्लब डिस्ट्रिक्ट 3233 सी के पूर्व प्रशासनिक डिस्ट्रिक्ट कैबिनेट सेक्रेटरी लायन बी.के. सिंह के विशिष्ट आतिथ्य तथा पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के आजीवन सदस्य एवं नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में श्री शिव औषधालय की संचालिका प्रतिभा शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता, भगवान धन्वंतरी, स्वामी रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद सभी अतिथियों का औषधीय पौधे भेंट कर स्वागत किया गया। स्वागत की औपचारिकता सिद्धराम शाहनी, अनुराग कंवर, गुनगुन राठिया एवं शैल कुमारी निषाद ने निभाई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने अपने संबोधन में आयुर्वेद की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि गिलोय, नीम, तुलसी, एलोवेरा और आंवला धरती के पांच अमृत हैं। उन्होंने कहा कि इन औषधीय पौधों का नियमित उपयोग करने वाला व्यक्ति अनेक बीमारियों से दूर रह सकता है। उन्होंने लोगों से घर-घर औषधीय पौधे लगाने और प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि संजय तिवारी ने कहा कि औषधीय पौधे धरती पर साक्षात ईश्वर का स्वरूप हैं। उन्होंने लोगों से इन पौधों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा द्वारा लंबे समय से किए जा रहे निःस्वार्थ औषधीय पौधों के वितरण एवं जनजागरूकता अभियान की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए परोपकारी और पुण्य का कार्य बताया। उन्होंने अपने हाथों से लोगों को औषधीय पौधों का वितरण भी किया।
विशिष्ट अतिथि लायन बी.के. सिंह ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि औषधीय पौधों का निःशुल्क वितरण और उनके उपयोग की जानकारी देना अत्यंत जनोपयोगी पहल है। ऐसे आयोजन समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान गिलोय, तुलसी, नीम, एलोवेरा, आंवला, गुड़मार, स्टीविया, हड़जोड़, पत्थरचट्टा, लाजवंती, ब्राह्मी, जटामांसी, पपीता, अमरूद, करंज, पुनर्नवा, बेल, सर्पगंधा, मंडूकपर्णी, कालमेघ, शतावर, चिरायता, पारिजात सहित कुल 37 प्रकार के औषधीय एवं उपयोगी पौधों का निःशुल्क वितरण किया गया। प्रत्येक पौधे के औषधीय गुण, सेवन की विधि और उससे होने वाले स्वास्थ्य लाभ की जानकारी भी लोगों को विस्तार से दी गई।
यह आयोजन आयुर्वेद, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने औषधीय पौधे प्राप्त कर उनके संरक्षण और उपयोग का संकल्प लिया।
आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिवस पर कोरबा में मनाया गया जड़ी-बूटी दिवस, 37 प्रकार के औषधीय पौधों का निःशुल्क वितरण











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