जगदलपुर, 04 अगस्त बस्तर संभाग के नक्सल प्रभाावित रहे इलाकाें में नक्सलवाद के खात्में में पहले नक्सली शहीदी सप्ताह 28 जुलाई से 3 अगस्त के दौरान शून्य नक्सली गतिविधि रहना यह प्रमाणित कर रहा है कि बस्तर से पूरी तरह से नक्सलवाद का अंत हाे चुका है।
ग्रामीणों ने बताया कि, अधिकांश लोगों को यह भी पता नहीं था, कि आज मंगलवार काे नक्सलियाें का शहीदी सप्ताह समाप्त भी हाे गया है। महिलाओं ने बताया कि, उन्हें महतारी वंदन योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। गांव में सड़क, बिजली, दूसरी बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही है, इससे लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।
इससे पूर्व नक्सली शहीदी सप्ताह 28 जुलाई से 3 अगस्त तक पुलिस एवं सुरक्षाबलाें काे अलर्ट पर रखे जाने का एलान किया जाता था, लेकिन इस बार पुलिस एवं सुरक्षाबलाें काे अलर्ट पर रखे जाने की काेई सूचना नही मिली, बावजूद इसके बस्तर संभाग के नक्सल प्रभाावित रहे इलाकाें में काेई नक्सली पर्चे-बैनर तक देखने काे नही मिला।
बस्तर में नक्सली शहीदी सप्ताह 28 जुलाई से 3 अगस्त के सात दिनों तक ग्रामीणाें काे गांव से बाहर निकलने पर रोक रहती थी। बाजार जाने पर रोक रहती थी, खेती-किसानी करने पर रोक रहती थी। लोगों को नक्सलियों के स्मारकों पर होने वाले कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से जाना पड़ता था। फरमान नहीं मानने वालों पर कार्रवाई का डर रहता था। इस बार स्थिति अलग रही, ग्रामीणों ने बताया कि अधिकांश लोगों को पता नहीं था, शहीदी सप्ताह का अब ग्रामीण नक्सलियाें के शहीदी सप्ताह हाे भूलने लगे हैं ।
नक्सली शहीदी सप्ताह बेअसर, गांवों में सामान्य रही दिनचर्या











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