हर महीने ₹15000 निवेश से करोड़ों का फंड जानिए SIP का पूरा हिसाब


व्यापार 08 August 2026
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हर महीने ₹15000 निवेश से करोड़ों का फंड जानिए SIP का पूरा हिसाब

अगर आप हर महीने 15,000 रुपये की SIP करते हैं और इस निवेश को लंबे समय तक जारी रखते हैं, तो कंपाउंडिंग की ताकत से बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। खास बात यह है कि लंबे समय तक नियमित निवेश करने पर छोटी-छोटी रकम भी करोड़ों रुपये के फंड में बदल सकती है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई निवेशक 30 साल तक हर महीने 15,000 रुपये म्यूचुअल फंड में SIP के जरिए निवेश करता है और औसतन 12 फीसदी सालाना रिटर्न मिलता है, तो अनुमान के मुताबिक वह करीब 5.29 करोड़ रुपये का फंड तैयार कर सकता है।
हालांकि, यह आंकड़ा एक अनुमान है। म्यूचुअल फंड में मिलने वाला रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है और किसी भी फंड में निश्चित 12 फीसदी रिटर्न की गारंटी नहीं होती। बाजार में तेजी या मंदी के हिसाब से वास्तविक रिटर्न इससे कम या ज्यादा हो सकता है। इसलिए SIP शुरू करने से पहले निवेशक को अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना चाहिए।

अगर 15,000 रुपये की मासिक SIP को 30 साल तक जारी रखा जाए तो निवेशक का कुल निवेश 54 लाख रुपये होगा। यानी 30 वर्षों में अपनी जेब से कुल 54,00,000 रुपये लगाए जाएंगे। अगर इस निवेश पर औसतन 12 फीसदी सालाना रिटर्न मिलता है, तो अनुमानित रिटर्न करीब 4.75 करोड़ रुपये हो सकता है। इस तरह निवेश और अनुमानित रिटर्न को मिलाकर कुल फंड लगभग 5.29 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
इस उदाहरण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका कंपाउंडिंग की है। कंपाउंडिंग का मतलब है कि निवेश से मिलने वाला रिटर्न भी आगे रिटर्न कमाने लगता है। शुरुआत के वर्षों में इसका असर बहुत ज्यादा दिखाई नहीं देता, लेकिन जैसे-जैसे निवेश की अवधि बढ़ती है, कंपाउंडिंग तेजी से काम करने लगती है। यही वजह है कि SIP में लंबे समय तक निवेश करने को महत्वपूर्ण माना जाता है।

मान लीजिए कोई व्यक्ति 30 साल की उम्र में हर महीने 15,000 रुपये की SIP शुरू करता है और इसे लगातार 30 साल तक जारी रखता है। 60 साल की उम्र तक उसके पास एक बड़ा निवेश फंड तैयार हो सकता है। हालांकि, यह तभी संभव है जब वह पूरे निवेश काल के दौरान नियमित रूप से SIP जारी रखे और बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव के बावजूद घबराकर निवेश बंद न करे।

SIP की लोकप्रियता बढ़ने की एक बड़ी वजह यह भी है कि इसमें निवेश करने के लिए एकमुश्त बड़ी रकम की जरूरत नहीं होती। निवेशक अपनी आय और क्षमता के अनुसार हर महीने एक निश्चित राशि म्यूचुअल फंड में लगा सकता है। कई प्लेटफॉर्म पर छोटी रकम से भी SIP शुरू करने की सुविधा उपलब्ध है। इससे नौकरीपेशा लोगों और नियमित आय वाले निवेशकों के लिए लंबे समय में निवेश करना आसान हो जाता है।

SIP शुरू करने से पहले सही म्यूचुअल फंड का चुनाव भी महत्वपूर्ण है। किसी फंड में निवेश करने से पहले उसके पिछले प्रदर्शन, फंड मैनेजर का अनुभव, पोर्टफोलियो में शामिल कंपनियों, एसेट अंडर मैनेजमेंट, एक्सपेंस रेशियो और एग्जिट लोड जैसी चीजों को देखना चाहिए। केवल पिछले रिटर्न को देखकर किसी फंड का चुनाव करना सही तरीका नहीं माना जाता।
निवेशक चाहें तो अपनी आय बढ़ने के साथ SIP की रकम भी बढ़ा सकते हैं। इसे स्टेप-अप SIP कहा जाता है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति शुरुआत में 15,000 रुपये महीने की SIP करता है और हर साल अपनी SIP में 10 फीसदी की बढ़ोतरी करता है, तो लंबे समय में उसका संभावित फंड सामान्य SIP की तुलना में काफी अधिक हो सकता है। इसकी वजह यह है कि बढ़ती निवेश राशि पर भी लंबे समय तक कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है।

हालांकि, SIP को लेकर यह समझना जरूरी है कि यह कोई गारंटीड रिटर्न वाला निवेश नहीं है। म्यूचुअल फंड बाजार से जुड़े होते हैं और बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण निवेश का मूल्य घट या बढ़ सकता है। 12 फीसदी रिटर्न का उदाहरण केवल संभावित गणना समझाने के लिए है। वास्तविक रिटर्न अलग हो सकता है।

इसलिए 15,000 रुपये की मासिक SIP से 30 साल में करीब 5.29 करोड़ रुपये का फंड बनने का अनुमान आकर्षक जरूर है, लेकिन इसे निश्चित रकम नहीं माना जाना चाहिए। लंबे समय तक अनुशासन के साथ निवेश, सही फंड का चयन और समय-समय पर अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करना महत्वपूर्ण है। निवेश शुरू करने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता के अनुसार विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा।


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