भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने श्री अरविंद की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके राष्ट्रवादी विचारों और आध्यात्मिक दृष्टिकोण को याद किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए नितिन नवीन ने श्री अरविंद को “दूरदर्शी चिंतक, राष्ट्रवादी और आध्यात्मिक दृष्टा” बताया।
नितिन नवीन ने लिखा कि श्री अरविंद की परिवर्तनकारी रचनाओं ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को गहरी बौद्धिक और आध्यात्मिक दिशा दी। उन्होंने भारत माता को केवल एक भौगोलिक क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि सामूहिक चेतना के जीवंत स्वरूप के तौर पर देखने की दृष्टि विकसित की। नितिन नवीन ने कहा कि भारतीय विरासत और मानव विकास में श्री अरविंद का अटूट विश्वास आज भी आत्म-परिवर्तन और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरणा देता है।
श्री अरविंद घोष का जन्म 15 अगस्त 1872 को कलकत्ता में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा के बाद वे इंग्लैंड गए और उच्च शिक्षा प्राप्त की। भारत लौटने के बाद वे बड़ौदा रियासत से जुड़े और इसी दौरान भारतीय संस्कृति, दर्शन तथा राष्ट्रवाद की ओर उनका झुकाव तेजी से बढ़ा। 1908 में अलीपुर बम कांड में उन्हें गिरफ्तार किया गया। जेल में बिताए समय का उनके जीवन और विचारों पर गहरा प्रभाव पड़ा। इसके बाद उनका झुकाव आध्यात्मिक साधना की ओर बढ़ता गया। 1910 में वे पांडिचेरी चले गए, जहां उन्होंने आगे का अधिकांश जीवन आध्यात्मिक साधना, दर्शन और लेखन में बिताया।

















