नेपाल में पूर्व भारतीय सैनिकों के कल्याण के लिए हर संभव सहयोग जारी रहेगा: धीरज सेठ


विदेश 19 August 2026
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नेपाल में पूर्व भारतीय सैनिकों के कल्याण के लिए हर संभव सहयोग जारी रहेगा: धीरज सेठ

काठमांडू, 19 अगस्त  भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने नेपाल में रह रहे पूर्व भारतीय सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं तथा सुविधाओं के लिए भारतीय सेना द्वारा हरसंभव प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

जनरल सेठ ने बुधवार को पोखरा में आयोजित पेंशन शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व सैनिक भारत-नेपाल संबंधों के जीवंत प्रतिनिधि हैं और भारतीय सेना में सेवा देने वाले गोरखा सैनिकों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। पूर्व सैनिकों का हित और कल्याण भारतीय सेना की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा, “आपके हित, कल्याण और सुविधाओं के लिए जो कुछ भी संभव होगा, हम पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे। आप स्वयं को कभी अकेला न समझें, भारतीय सेना हमेशा आपके साथ खड़ी है।”

जनरल सेठ ने बताया कि पोखरा स्थित ‘एक्स-सर्विसमेन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम’ पॉलीक्लिनिक के लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य उपकरण उपलब्ध कराने और उसे आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने सोनौली से गोरखपुर तक बस सेवा की लंबे समय से चली आ रही मांग पर भी गंभीरता से विचार किए जाने की जानकारी दी। उनके अनुसार यह सुविधा उपलब्ध होने से पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को ईसीएचएस समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।

जनरल सेठ ने कहा कि भारत की ईसीएचएस योजना वर्ष 2014 से नेपाल में संचालित हो रही है, जिसके माध्यम से नेपाल और भारत के विभिन्न अस्पतालों में पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों को उपचार की सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि ईसीएचएस से संबद्ध अस्पतालों की संख्या बढ़ाने का प्रयास जारी है।

उन्होंने पश्चिम नेपाल के पूर्व सैनिकों के लिए कोहलपुर में नए ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक के संचालन का उल्लेख करते हुए विश्वास जताया कि इससे पश्चिमी क्षेत्र के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

जनरल सेठ ने बताया कि विभिन्न जिला सैनिक बोर्डों के माध्यम से पूर्व सैनिकों के परिवारों के लिए कंप्यूटर, ब्यूटीशियन और फैशन डिजाइनिंग जैसे व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। सिक्किम स्थित मेधावी स्किल्स यूनिवर्सिटी के साथ समझौते के बाद इन प्रशिक्षणों के प्रमाणपत्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्रदान की गई है।

भारत-नेपाल संबंधों को सदियों पुराना बताते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों का रिश्ता केवल पड़ोसी देशों का नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा, धार्मिक आस्था और साझा इतिहास से जुड़ा हुआ है। भारतीय और नेपाली सेनाओं के बीच विशेष संबंध भी इसी ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

गोरखा सैनिकों की वीरता, बहादुरी, निष्ठा और बलिदान की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि गोरखा सैनिकों ने हर युद्ध और चुनौती में अद्भुत साहस का परिचय दिया है।

जनरल सेठ ने भारतीय सेना के लिए अपनी पांच प्राथमिकताओं- सतर्कता एवं तत्परता, नवाचार एवं परिवर्तन, संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और योद्धा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के सबसे कनिष्ठ सैनिक से लेकर वरिष्ठतम पूर्व सैनिक तक, सभी उनके लिए योद्धा हैं और भारतीय सेना को उन पर गर्व है।

उन्होंने पूर्व सैनिकों के योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए भविष्य में भी उनके कल्याण और सुविधाओं के लिए निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का आभार व्यक्त करते हुए अपने संबोधन का समापन “जय हिंद, जय नेपाल, जय भूपू” के नारों के साथ किया।

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