नई दिल्ली: सीबीआई ने भारतीय नागरिकों को दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में कथित रूप से साइबर गुलामी में धकेलने वाले एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मामले में देश के चार राज्यों में नौ स्थानों पर छापेमारी की गई और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क लोगों को विदेश में ऊंची सैलरी वाली नौकरी का झांसा देकर फंसाता था। इसके बाद पीड़ितों को म्यांमार और कंबोडिया जैसे देशों में स्थित स्कैम कंपाउंड्स में भेज दिया जाता था।
ये स्थान अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोहों के अड्डे बताए जा रहे हैं, जहां लोगों से जबरन ऑनलाइन धोखाधड़ी कराई जाती थी। सूत्रों के अनुसार, इन कंपाउंड्स में पीड़ितों की आवाजाही पर कड़ी पाबंदी होती थी और पहुंचते ही उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते थे। कई मामलों में शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न की भी पुष्टि हुई है। कुछ पीड़ितों को रिहाई के लिए अपने परिवार से फिरौती मंगवाने के लिए मजबूर किया गया। सीबीआई ने इस मामले में मुंबई, दिल्ली, लखनऊ, काशीपुर तथा उत्तर प्रदेश के गोंडा और सहारनपुर जिलों सहित कुल नौ स्थानों पर समन्वित छापेमारी की।
यह कार्रवाई देशभर में की गई विस्तृत जांच और पीड़ितों के बयान दर्ज करने के बाद की गई। जांच एजेंसी ने वित्तीय लेन-देन, विशेषकर क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से हुए भुगतानों की भी गहन पड़ताल की है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। छापेमारी के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए, जिनमें अहम सबूत मिलने की बात कही जा रही है। लखनऊ से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर इस तस्करी नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि एजेंट्स को स्कैम कंपाउंड्स के संचालकों से भारतीय नागरिकों को सप्लाई करने के बदले भुगतान किया जाता था।















