आज फिसल सकता है शेयर बाजार Gift Nifty में गिरावट से बढ़ी चिंता


व्यापार 17 August 2026
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आज फिसल सकता है शेयर बाजार Gift Nifty में गिरावट से बढ़ी चिंता

भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार, 17 अगस्त 2026 की शुरुआत सतर्क रहने के संकेत दे रही है। Gift Nifty में कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण निवेशकों की नजर आज सेंसेक्स और निफ्टी की ओपनिंग पर टिकी है। शुरुआती संकेत बताते हैं कि घरेलू बाजार सपाट से कमजोर शुरुआत कर सकता है। हालांकि बाजार की वास्तविक दिशा कारोबार शुरू होने के बाद विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, वैश्विक बाजारों और प्रमुख कंपनियों से जुड़ी खबरों से तय होगी।

पिछला सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए कमजोर रहा था। Nifty 50 में साप्ताहिक आधार पर करीब 0.8 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि BSE Sensex करीब 0.6 प्रतिशत नीचे रहा। निफ्टी 24,366 और सेंसेक्स 78,009.25 के स्तर पर सप्ताह का कारोबार समाप्त कर चुके हैं। लगातार दो सप्ताह की बढ़त के बाद बाजार की रफ्तार थमी और अधिकांश प्रमुख सेक्टर दबाव में दिखाई दिए। शुक्रवार के कारोबार में भी बाजार का रुख कमजोर रहा। 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में से 15 गिरावट के साथ बंद हुए। वित्तीय शेयरों में करीब एक प्रतिशत की कमजोरी रही, जबकि मेटल सेक्टर लगभग 1.9 प्रतिशत नीचे आया। Reliance Industries में भी करीब 1.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। ऐसे में सोमवार को बाजार के लिए पिछले सप्ताह की कमजोरी से उबरना बड़ी चुनौती होगी। आज बाजार के सामने सबसे बड़ा जोखिम कच्चे तेल की ऊंची कीमतें हैं। ब्रेंट क्रूड करीब 89 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। मध्य पूर्व के तनाव ने तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए महंगा क्रूड देश के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव डाल सकता है।

कच्चे तेल में तेजी का प्रभाव कई स्तरों पर दिखाई देता है। तेल महंगा होने पर पेट्रोलियम उत्पादों की लागत बढ़ने का खतरा रहता है। इसके साथ एविएशन, पेंट, केमिकल, लॉजिस्टिक्स और कई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। आयात बिल बढ़ने से रुपये पर भी दबाव आने की आशंका रहती है। यही कारण है कि शेयर बाजार के निवेशक फिलहाल क्रूड की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। वैश्विक बाजारों से भी मजबूत संकेत नहीं मिल रहे हैं। एशिया-प्रशांत बाजारों में सोमवार को कारोबार काफी हद तक सतर्क रहा। निवेशक मध्य पूर्व की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर जोखिम लेने से बचते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में भारतीय बाजार को वैश्विक स्तर से बड़ी तेजी का सहारा फिलहाल मिलता नहीं दिख रहा।

हालांकि बाजार के लिए एक राहत विदेशी संस्थागत निवेशकों की तरफ से देखने को मिली है। शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में करीब 5.08 अरब रुपये की शुद्ध खरीदारी की। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी लगभग 3.56 अरब रुपये के शेयर खरीदे। अगर सोमवार को भी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो बाजार को निचले स्तरों पर समर्थन मिल सकता है। बाजार की दिशा तय करने में आज दिग्गज कंपनियों के शेयर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। Reliance Industries, Amber Enterprises, ONGC, Ather Energy, NMDC, Voltas, Patanjali Foods, EaseMyTrip, Cochin Shipyard, Jindal Stainless और Brigade Enterprises समेत कई शेयर अलग-अलग कॉरपोरेट घटनाक्रमों के कारण फोकस में रहने वाले हैं।

Reliance Industries आज के कारोबार में सबसे महत्वपूर्ण शेयरों में से एक है। कंपनी का इंडेक्स में बड़ा वजन होने के कारण रिलायंस में होने वाली तेज गतिविधि निफ्टी और सेंसेक्स की दिशा पर भी असर डाल सकती है। पिछले कारोबारी सप्ताह में रिलायंस के शेयर में कमजोरी देखने को मिली थी। वहीं अब कंपनी की Rolls-Royce के साथ भारत में लड़ाकू विमान इंजन विकसित करने और निर्माण से जुड़ी योजना ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। रिलायंस के लिए तेल की कीमतें भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि कंपनी का ऑयल टू केमिकल कारोबार उसके प्रमुख व्यवसायों में शामिल है। कंपनी के अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों में O2C और डिजिटल सर्विसेज कारोबार से मजबूत प्रदर्शन सामने आया था। ऐसे में एक तरफ ऊंचे क्रूड और दूसरी तरफ कंपनी से जुड़े नए कॉरपोरेट घटनाक्रम के बीच शेयर में हलचल देखने को मिल सकती है। Voltas पर भी बाजार की खास नजर रहेगी। एयर कंडीशनर और कंज्यूमर ड्यूरेबल क्षेत्र की इस कंपनी ने मजबूत लाभ वृद्धि दर्ज की है और एयर कंडीशनर की मांग ने इसके प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सोमवार को Voltas में कंपनी के प्रदर्शन और आगे की मांग से जुड़े संकेतों के आधार पर गतिविधि देखने को मिल सकती है। कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों के लिए मौसम, उपभोक्ता मांग और लागत तीनों महत्वपूर्ण होते हैं। गर्मी के दौरान एयर कंडीशनर की मांग कंपनियों की बिक्री को समर्थन देती है, लेकिन कच्चे माल और अन्य लागत बढ़ने से मार्जिन प्रभावित हो सकता है। यही वजह है कि Voltas के शेयर पर निवेशकों की निगाह बनी रहेगी। Amber Enterprises भी आज के प्रमुख शेयरों में शामिल है। इलेक्ट्रॉनिक्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनी होने के कारण भारत में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने वाली नीतियों के बीच यह शेयर निवेशकों की नजर में रहता है। सोमवार के लिए बाजार की प्रमुख वॉचलिस्ट में Amber Enterprises का नाम शामिल है। ONGC पर भी निवेशकों की निगाह रहेगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच तेल उत्पादक कंपनियों पर फोकस बढ़ जाता है। हालांकि ऊंचा क्रूड भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती है, लेकिन अपस्ट्रीम ऑयल कंपनियों पर इसका प्रभाव अलग हो सकता है। कंपनी का उत्पादन, घरेलू नीतियां और तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें इसके शेयर की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक रहेंगे। Ather Energy का शेयर भी आज बाजार में चर्चा में रहेगा। इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में तेजी से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच EV कंपनियों की बिक्री, नए मॉडल, उत्पादन क्षमता और वित्तीय प्रदर्शन निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में होने वाली गतिविधियों के कारण Ather Energy आज की वॉचलिस्ट में शामिल है। NMDC भी फोकस में रहने वाला शेयर है। पिछले सप्ताह मेटल सेक्टर पर काफी दबाव दिखाई दिया था और शुक्रवार को मेटल इंडेक्स करीब 1.9 प्रतिशत गिर गया था। कमोडिटी की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव और चीन समेत बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से आने वाले संकेत मेटल तथा खनन कंपनियों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण रहते हैं। Cochin Shipyard पर रक्षा और शिपबिल्डिंग क्षेत्र में निवेशकों की दिलचस्पी के कारण नजर रहेगी। पिछले कुछ वर्षों में रक्षा निर्माण से जुड़ी भारतीय कंपनियों के ऑर्डर बुक और सरकारी खरीद को लेकर बाजार में काफी उत्साह रहा है। कंपनी आज के प्रमुख फोकस शेयरों की सूची में शामिल है। Patanjali Foods भी आज बाजार की वॉचलिस्ट में है। FMCG और खाद्य तेल क्षेत्र की कंपनियों के लिए कच्चे माल की कीमतें, उपभोक्ता मांग और मार्जिन महत्वपूर्ण होते हैं। कंपनी से जुड़े कॉरपोरेट घटनाक्रमों के चलते इसके शेयर में गतिविधि देखने को मिल सकती है। इसके अलावा EaseMyTrip, Jindal Stainless और Brigade Enterprises जैसे शेयर भी आज निवेशकों की निगाह में रहने वाले हैं। बाजार में जब प्रमुख सूचकांक सीमित दायरे में रहते हैं, तब कंपनी विशेष खबरों वाले शेयरों में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। आज के कारोबार में बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों की चाल भी बेहद महत्वपूर्ण होगी। पिछले सप्ताह वित्तीय शेयरों में कमजोरी आई थी। निफ्टी और सेंसेक्स में बड़े निजी बैंकों का वजन काफी अधिक है। ऐसे में बैंकिंग शेयरों में खरीदारी आती है तो बाजार को सहारा मिल सकता है, लेकिन बिकवाली बढ़ने पर निफ्टी और सेंसेक्स पर दबाव गहरा सकता है। मेटल सेक्टर के लिए भी दिन महत्वपूर्ण रहने वाला है। पिछले कारोबारी सप्ताह में इस सेक्टर में तेज बिकवाली हुई थी। वैश्विक कमोडिटी बाजार और औद्योगिक मांग से जुड़े संकेतों पर निवेशकों की नजर रहेगी। अगर मेटल शेयरों में रिकवरी होती है तो व्यापक बाजार को भी कुछ समर्थन मिल सकता है। आईटी शेयरों में अमेरिकी बाजार और डॉलर की चाल महत्वपूर्ण होगी। भारतीय आईटी कंपनियों की आय का बड़ा हिस्सा विदेशी बाजारों से आता है। इसलिए अमेरिका की अर्थव्यवस्था, डॉलर और टेक्नोलॉजी कंपनियों की मांग से जुड़े संकेत घरेलू आईटी शेयरों को प्रभावित कर सकते हैं। ऑटो सेक्टर में भी निवेशकों को स्टॉक-स्पेसिफिक गतिविधि देखने को मिल सकती है। इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों से लेकर पारंपरिक वाहन निर्माताओं तक बाजार की नजर बिक्री, मार्जिन और नई लॉन्चिंग पर बनी हुई है। पिछले सप्ताह Tata Motors बाजार के कमजोर शेयरों में रहा और शुक्रवार को इसमें करीब 4.3 प्रतिशत की गिरावट आई थी। बाजार के लिए रुपये की चाल भी महत्वपूर्ण है। अगर कच्चा तेल ऊंचे स्तर पर बना रहता है तो डॉलर की मांग बढ़ने से भारतीय मुद्रा पर दबाव आ सकता है। कमजोर रुपया आयात आधारित कंपनियों के लिए लागत बढ़ा सकता है, जबकि आईटी और फार्मा जैसी निर्यात आधारित कंपनियों को कुछ हद तक फायदा हो सकता है। मौजूदा परिस्थितियों में बाजार के सामने सबसे बड़ी अनिश्चितता भू-राजनीतिक तनाव है। मध्य पूर्व में तनाव कम होने की कोई ठोस खबर आती है तो कच्चे तेल में नरमी देखने को मिल सकती है और इससे भारतीय बाजार को राहत मिलने की संभावना है। इसके विपरीत तेल आपूर्ति को लेकर खतरा बढ़ता है तो क्रूड में नई तेजी घरेलू बाजार के लिए मुश्किल बढ़ा सकती है। पिछले सप्ताह बाजार की गिरावट का प्रमुख कारण भी ऊंचा कच्चा तेल और मध्य पूर्व से जुड़ी अनिश्चितता रही। ब्रेंट क्रूड में सप्ताह के दौरान तेज उछाल ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया। इसका असर लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों पर दिखाई दिया। इस बीच भारतीय कंपनियों की कमाई बाजार को कुछ समर्थन दे सकती है। कॉरपोरेट नतीजों में चुनिंदा कंपनियों ने मजबूत प्रदर्शन किया है। बाजार में अब निवेशकों का फोकस केवल इंडेक्स की दिशा पर नहीं बल्कि ऐसी कंपनियों पर भी है जिनकी आय और कारोबारी आउटलुक मजबूत दिखाई दे रहे हैं। Gift Nifty की कमजोरी को लेकर निवेशकों को यह भी समझना जरूरी है कि यह केवल बाजार खुलने से पहले मिलने वाला संकेत है। Gift Nifty नीचे होने का अर्थ यह नहीं कि पूरे दिन सेंसेक्स और निफ्टी गिरेंगे। बाजार खुलने के बाद संस्थागत निवेश, कॉरपोरेट खबर, वैश्विक बाजारों की चाल और अचानक आने वाली आर्थिक या राजनीतिक खबरें दिशा बदल सकती हैं। इसी तरह कमजोर ओपनिंग के बाद भी बाजार में रिकवरी संभव है। यदि विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी मजबूत रहती है और क्रूड में राहत मिलती है तो निफ्टी निचले स्तरों से वापसी कर सकता है। वहीं कमजोर वैश्विक संकेत और तेल में तेजी जारी रहने पर बिकवाली बढ़ सकती है। तकनीकी स्तर पर बाजार विशेषज्ञों की नजर निफ्टी के महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस जोन पर है। हालिया विश्लेषण में 24,200-24,230 के आसपास समर्थन और 24,500-24,550 के आसपास प्रतिरोध का क्षेत्र महत्वपूर्ण माना गया है। इन स्तरों के आसपास बाजार की प्रतिक्रिया आने वाले सत्रों की दिशा के संकेत दे सकती है। निवेशकों को आज बड़े शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप की गतिविधियों पर भी ध्यान देना होगा। पिछले सप्ताह व्यापक बाजार की तस्वीर एक जैसी नहीं रही। शुक्रवार को मिडकैप इंडेक्स में करीब 0.5 प्रतिशत की बढ़त थी, जबकि स्मॉलकैप में लगभग 0.7 प्रतिशत की गिरावट आई थी। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक पूरी तरह बाजार से बाहर नहीं हैं बल्कि चुनिंदा शेयरों में खरीदारी कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में स्टॉक चयन महत्वपूर्ण हो जाता है। बाजार में इंडेक्स कमजोर रहने के बावजूद मजबूत कॉरपोरेट खबर वाले शेयर तेजी दिखा सकते हैं। दूसरी तरफ कमजोर नतीजे या नकारात्मक खबर वाले शेयर व्यापक बाजार से ज्यादा गिर सकते हैं। आज Reliance Industries और Voltas के अलावा PhysicsWallah भी निवेशकों की नजर में रह सकता है। कंपनी ने तिमाही घाटे में कमी और राजस्व में 24.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। कॉरपोरेट नतीजों के कारण इस शेयर में भी बाजार की दिलचस्पी देखने को मिल सकती है। कुल मिलाकर सोमवार का बाजार निवेशकों के लिए कई संकेत लेकर आ रहा है। एक तरफ Gift Nifty कमजोर है और कच्चा तेल ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। दूसरी तरफ विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार के लिए राहत है। प्रमुख कंपनियों से जुड़ी खबरें भी स्टॉक-स्पेसिफिक अवसर पैदा कर सकती हैं।


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