UNSC में भारत की मांग, आतंकियों की सूची से जुड़े फैसलों में हो अधिक पारदर्शिता


देश 20 August 2026
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UNSC में भारत की मांग, आतंकियों की सूची से जुड़े फैसलों में हो अधिक पारदर्शिता

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में आतंकवादी संगठनों और नेताओं की सूची में शामिल करने या हटाने की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग की है। भारत ने कहा कि सुरक्षा परिषद की सदस्यता का इस्तेमाल संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए नहीं होना चाहिए।

बुधवार को UNSC की कार्यप्रणाली पर खुली बहस में भारत की संयुक्त राष्ट्र मिशन की प्रभारी राजनयिक योजना पटेल ने कहा कि परिषद का इस्तेमाल आतंकवादियों को सूची से हटाकर उन्हें वैधता देने या बिना ठोस दस्तावेज और वस्तुनिष्ठ मानदंड के किसी संगठन को आतंकवादी घोषित करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने आतंकवाद से संबंधित परिषद की सहायक समितियों के अध्यक्षों की नियुक्ति में हो रही देरी पर भी चिंता जताई। भारत के अनुसार, इन समितियों के अध्यक्षों की नियुक्ति में राजनीतिक मतभेदों के कारण करीब आठ महीने से गतिरोध बना हुआ है। भारत ने जल्द से जल्द अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए निश्चित समयसीमा तय करने की मांग की।

पटेल ने कहा कि सुरक्षा परिषद की सदस्यता महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां लेकर आती है और इसे राजनीतिक हित साधने का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आतंकवादियों की सूची में शामिल करने और हटाने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और वस्तुनिष्ठ बनाने पर जोर दिया।

भारत ने शांति अभियानों में सैनिक और पुलिस भेजने वाले देशों को भी UNSC के निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक भूमिका देने की मांग की। भारत ने कहा कि ये देश सीधे तौर पर शांति अभियानों से जुड़े हितधारक हैं और उन्हें अभियानों के जनादेश तथा संसाधनों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में शामिल किया जाना चाहिए।

पटेल ने UNSC की मौजूदा संरचना को भी पुराना बताते हुए व्यापक सुधार की आवश्यकता दोहराई। भारत ने स्थायी और गैर-स्थायी दोनों श्रेणियों में परिषद के विस्तार की मांग की और कहा कि सुधार प्रक्रिया स्पष्ट लक्ष्यों और समयसीमा के साथ आगे बढ़नी चाहिए।

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