अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान को आगे चलकर “बहुत कड़े प्रतिबंधों” का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य की अहमियत को कम करके आंका और कहा कि अमेरिका में बढ़ते ऊर्जा उत्पादन तथा नए आपूर्ति मार्गों से दुनिया की इस जलमार्ग पर निर्भरता कम हुई है।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संभावित नए कदमों के बारे में कहा, “हमारे पास ऐसे प्रतिबंध हैं जिन्हें हम लगा सकते हैं। हमारे पास बहुत कड़े प्रतिबंध हैं और हम देखेंगे कि क्या होता है।”
ट्रंप ने कहा कि फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है और बड़ी संख्या में जहाज इसके रास्ते से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति में कुछ समय के लिए बदलाव हो सकता है, लेकिन अभी काफी जहाज इस मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी प्रभावी रही है और इससे जहाजों को ईरान पहुंचने से रोका गया है। हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई आंकड़ा प्रस्तुत नहीं किया।
ट्रंप ने कहा कि एक समझौते के तहत अभियान में कुछ समय के लिए विराम आया था, लेकिन उन्होंने ईरान पर अपने वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि आगे की स्थिति या तो ऐसे समझौते की ओर जा सकती है जिससे तेल की कीमतें तेजी से नीचे आएंगी या अमेरिका मौजूदा रणनीति जारी रखेगा। ट्रंप ने कहा कि पहले तेल की कीमत 350 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन फिलहाल यह करीब 84-85 डॉलर है।
ट्रंप ने अमेरिका में बढ़ते तेल उत्पादन और टेक्सास, अलास्का तथा लुइसियाना जैसे क्षेत्रों में वैकल्पिक आपूर्ति के साथ बड़ी संख्या में नई पाइपलाइन बनने का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि इन बदलावों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य भविष्य में उतना महत्वपूर्ण नहीं रह जाएगा, जितना पहले था।

















