UNSC में अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने वाली शक्तियां भी शामिल: गुटेरेस


विदेश 17 September 2026
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UNSC में अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने वाली शक्तियां भी शामिल: गुटेरेस

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार को बेहद जरूरी बताते हुए कहा है कि कुछ ऐसी वैश्विक शक्तियां भी परिषद में शामिल हैं, जो खुद अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करती हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यीय ढांचे में सुधार “सर्वोच्च प्राथमिकता” होना चाहिए।

गुटेरेस ने सत्ता के पुनर्वितरण की जरूरत बताई

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गुटेरेस ने कहा कि भू-राजनीतिक मतभेदों के बीच कुछ बड़ी शक्तियां अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करती हैं और सुरक्षा परिषद में भी बैठती हैं। उनके अनुसार, इस स्थिति ने सुरक्षा परिषद के कामकाज को प्रभावित और कई मामलों में पंगु बना दिया है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद की मौजूदा संरचना कई दशक पहले की दुनिया को दर्शाती है, जबकि आज दुनिया की वास्तविक स्थिति बदल चुकी है। इसलिए परिषद में सुधार जरूरी है।

गुटेरेस ने कहा कि जब दुनिया की बड़ी शक्तियों की ओर से अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन का उदाहरण कमजोर होता है और सुरक्षा परिषद प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पाती, तो दूसरे देशों को भी लगता है कि वे बिना जवाबदेही के अपने तरीके से काम कर सकते हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय कानून, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और मानवाधिकार कानून के उल्लंघन का माहौल बढ़ता है।

BRICS और बदलती वैश्विक शक्ति का भी किया जिक्र

BRICS जैसे समूहों के बदलती वैश्विक शक्ति को प्रतिबिंबित करने वाले विकल्प या पूरक बनने के सवाल पर गुटेरेस ने कहा कि मौजूदा बहुपक्षीय संस्थाएं कई दशक पहले के शक्ति संतुलन को दर्शाती हैं। इनमें से कई संस्थाएं द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनाई गई थीं।

उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में विकसित देशों की हिस्सेदारी धीरे-धीरे घट रही है, जबकि उभरती अर्थव्यवस्थाओं की हिस्सेदारी बढ़ रही है। ऐसे में दुनिया में देशों के सापेक्ष प्रभाव में बदलाव आया है और मौजूदा संस्थाओं में शक्ति का वितरण आज की वास्तविकताओं से मेल नहीं खाता।

गुटेरेस ने कहा कि “सत्ता का पुनर्वितरण” जरूरी है और इसके लिए बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से सुरक्षा परिषद और Bretton Woods व्यवस्था में सुधार को जरूरी बताया।

बहुध्रुवीय दुनिया के अनुरूप संस्थाओं में बदलाव जरूरी

UN General Assembly की 81वीं बैठक के उच्चस्तरीय सप्ताह से पहले गुटेरेस ने कहा कि दुनिया तेजी से बहुध्रुवीय हो रही है। उनके अनुसार, ऐसी स्थिति में बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार जरूरी है, ताकि वे शांति, विकास और मानवाधिकारों को बढ़ावा देने में प्रभावी भूमिका निभा सकें।

UN General Assembly का सप्ताहभर चलने वाला आम बहस सत्र 22 सितंबर से शुरू होगा। इसमें दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष, सरकार प्रमुख, विदेश मंत्री और अन्य प्रतिनिधि शामिल होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 22 सितंबर को UN General Assembly के मंच से विश्व नेताओं को संबोधित करेंगे।

यह गुटेरेस का महासचिव के रूप में अंतिम उच्चस्तरीय UNGA सप्ताह होगा। उनका दूसरा पांच साल का कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त हो रहा है।

अपने पिछले 10 वर्षों से मिली सबसे बड़ी सीख के बारे में पूछे जाने पर गुटेरेस ने कहा कि जैसे-जैसे दुनिया अधिक बहुध्रुवीय होती जा रही है, बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार करना जरूरी है, ताकि वे शांति, विकास और मानवाधिकारों के अपने तीन प्रमुख उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से पूरा कर सकें।

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