रायपुर:
रायपुर में गणेश विसर्जन झांकियों को लेकर पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात
व्यवस्था का प्लान तैयार कर लिया है। बुधवार को C-4 भवन में गणेश उत्सव समितियों के आयोजकों की
बैठक हुई। इसमें पुलिस, जिला प्रशासन, नगर
निगम, PWD, स्वास्थ्य विभाग और SDRF के
अधिकारियों ने सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था को लेकर
जरूरी दिशा-निर्देश दिए। विसर्जन के दौरान शहर में 1 हजार से
ज्यादा पुलिस बल तैनात रहेगा। झांकी रूट पर ड्रोन और गोपनीय कैमरों से निगरानी की
जाएगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गणेश
प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित स्थानों पर ही करना होगा। निगम अधिकारियों ने
बताया, कि तालाबों में
प्रतिमा विसर्जन करने पर कार्रवाई के साथ चालान काटा जाएगा। समितियों से निर्धारित
विसर्जन स्थल का उपयोग करने की अपील की गई है। झांकी और विसर्जन के दौरान भीड़ में
महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ करने वालों पर नजर रखने के लिए महिला
पुलिसकर्मियों को सिविल ड्रेस में तैनात किया जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस
की विशेष टीमें संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी। यातायात व्यवस्था के लिए प्रमुख
चौक-चौराहों और झांकी रूट पर अतिरिक्त बल लगाया जाएगा।
डीसीपी अर्चना झा ने
बताया, कि गणेशोत्सव के अंतिम दिनों में शहर के
प्रमुख मार्गों पर निकलने वाली झांकियों को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा प्लान
तैयार किया है। झांकी रूट के संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन से निगरानी की जाएगी।
इसके साथ ही गोपनीय कैमरों के जरिए भीड़ और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
पुलिस अधिकारियों की टीमें लगातार रूट की निगरानी करेंगी। रायपुर में गणेश
प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। नगर निगम ने महादेव घाट स्थित
विसर्जन कुंड में व्यवस्थाओं के लिए समिति गठित की है। 25 सितंबर
सुबह 6 बजे से 1 अक्टूबर सुबह 6
बजे तक अफसर-कर्मचारियों की ड्यूटी रहेगी। खारून नदी, तेलीबांधा तालाब और बूढ़ातालाब समेत अन्य तालाबों में प्रतिमा विसर्जन
प्रतिबंधित रहेगा।
रायपुर में गणेश प्रतिमा के विसर्जन और गणपति झांकी को लेकर पुलिस की पुख्ता तैयारी, 1000 जवान और ड्रोन रखेंगे नजर

















