रायपुर 19 सितंबर झीरम मामले को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित होगी। दोपहर 12:30 बजे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं विधि विशेषज्ञ शामिल होंगे।
बैठक में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। इसके अलावा झीरम शहीदों के परिजन तथा घटना में घायल हुए लोग भी बैठक में शामिल होंगे।
प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं और विधि विशेषज्ञों की उपस्थिति में झीरम मामले के कानूनी पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। बैठक में प्रकरण को लेकर आगे की रणनीति तय करने के साथ ही कानूनी विकल्पों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
बैठक का मुख्य उद्देश्य झीरम मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करना और प्रकरण को लेकर आगे की दिशा एवं रणनीति पर विचार-विमर्श करना है। बैठक में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और वरिष्ठ नेता ताम्रध्वज साहू सहित पार्टी के कई प्रमुख नेता मौजूद रहेंगे। इसके अलावा झीरम हमले में शहीद हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं के परिजन तथा घटना में घायल हुए लोग भी बैठक में शामिल होंगे। प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में झीरम प्रकरण से संबंधित विभिन्न कानूनी और प्रक्रियात्मक पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस की ओर से इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें मामले को लेकर उपलब्ध कानूनी विकल्पों, अब तक की कार्रवाई और आगे अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर विशेषज्ञों से राय ली जाएगी। बैठक में झीरम मामले से जुड़े दस्तावेजों और कानूनी पक्षों की समीक्षा के साथ यह भी विचार किया जाएगा कि प्रकरण को आगे किस कानूनी मंच पर और किस प्रक्रिया के तहत प्रभावी ढंग से उठाया जा सकता है। झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौत हुई थी, जिसके बाद से यह मामला लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी विमर्श का विषय बना हुआ है। कांग्रेस नेताओं और शहीद परिवारों की ओर से मामले की जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर समय-समय पर विभिन्न स्तरों पर मांग उठाई जाती रही है। शनिवार को होने वाली बैठक में शहीद परिवारों और घायलों की मौजूदगी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उनके अनुभव और अपेक्षाओं को कानूनी रणनीति पर चर्चा के दौरान शामिल किया जाएगा। बैठक के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और विधि विशेषज्ञों के बीच विस्तृत विचार-विमर्श के बाद आगे की कार्रवाई के संबंध में निर्णय लिए जाने की संभावना है। पार्टी स्तर पर बैठक के निष्कर्षों और तय की जाने वाली कानूनी रणनीति को आगामी दिनों में आगे बढ़ाया जा सकता है।

















