अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय-अमेरिकी सांसद रो खन्ना के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। ईरान के साथ जारी युद्ध पर अमेरिकी खर्च की आलोचना करने वाले डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना पर ट्रंप ने व्यक्तिगत टिप्पणी की, जिसके बाद खन्ना ने भी सोशल मीडिया के जरिए जवाब दिया। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका में 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव होने हैं और दोनों प्रमुख राजनीतिक दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए प्रचार में जुटे हैं। कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले रो खन्ना ने ईरान युद्ध पर खर्च हो रही बड़ी रकम को लेकर ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।
30 अक्टूबर को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने रो खन्ना को ‘लाइटवेट’ यानी कमजोर राजनीतिक नेता बताया। उन्होंने कहा कि खन्ना युद्ध पर खर्च की आलोचना कर रहे हैं, जबकि उनके अनुसार ईरान में परमाणु हथियार के खतरे को खत्म करने के लिए यह खर्च जरूरी था। इसके बाद फ्लोरिडा के डेटोना में आयोजित एक चुनावी रैली में ट्रंप ने खन्ना को ‘टोटल डोप’ यानी पूरी तरह मूर्ख कहकर संबोधित किया। ट्रंप ने यह भी नाराजगी जताई कि फॉक्स न्यूज पर डेमोक्रेटिक सांसदों को अधिक समय दिया जा रहा है। उन्होंने खन्ना की मीडिया में मौजूदगी और उनके बयानों पर भी टिप्पणी की
ट्रंप की टिप्पणियों के बाद रो खन्ना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जवाब दिया। उन्होंने लिखा, “आज चार बार मेरा जिक्र करने के लिए धन्यवाद, राष्ट्रपति महोदय।” खन्ना ने आगे कहा कि वह रविवार को फॉक्स न्यूज पर आकर ईरान में ट्रंप की नीतियों की विफलता और उससे पेट्रोल तथा खाद्य पदार्थों की कीमतों पर पड़ रहे असर के बारे में अपनी बात रखेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि राष्ट्रपति को तेल कंपनियों के मुनाफे की तारीफ करने और गोल्फ खेलने से समय मिले, तो वह उनका कार्यक्रम देख सकते हैं।
खन्ना ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि ट्रंप ने पहले इराक युद्ध पर खरबों डॉलर खर्च करने को लेकर पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की आलोचना की थी, लेकिन अब ईरान में 47 अरब डॉलर खर्च करने पर सवाल उठाने के कारण उन्हें निशाना बना रहे हैं। यह 47 अरब डॉलर का आंकड़ा खन्ना ने अपने बयान में दिया है। उन्होंने कहा कि इस रकम का इस्तेमाल अमेरिकी नागरिकों के लिए रोजगार और बच्चों की देखभाल जैसी सुविधाओं पर किया जा सकता था
















