मिठाई खरीदने से पहले जरूर जांच लें ये 5 बातें, सेहत से न करें खिलवाड़

post

मिठाई खरीदने से पहले जरूर जांच लें ये 5 बातें, सेहत से न करें खिलवाड़

त्योहार हो, शादी-विवाह का अवसर हो या घर में कोई खास खुशी, मिठाई के बिना हर जश्न अधूरा लगता है। भारतीय परंपरा में मिठाई खिलाकर खुशियां बांटने का खास महत्व है। बाजार में भी रसगुल्ला, गुलाब जामुन, लड्डू, बर्फी, काजू कतली और पेड़े जैसी कई तरह की मिठाइयां आसानी से मिल जाती हैं। लेकिन मिठाई खरीदते समय केवल उसके स्वाद, रंग और कीमत पर ध्यान देना काफी नहीं है। मिलावट, खराब गुणवत्ता और गलत तरीके से रखी गई मिठाइयां सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं। इसलिए बाजार से मिठाई खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. मिठाई की ताजगी जरूर जांचें: मिठाई खरीदते समय सबसे पहले उसकी ताजगी पर ध्यान दें। अगर मिठाई से अजीब गंध आ रही है, उसका रंग असामान्य दिखाई दे रहा है या उसकी सतह पर फफूंद नजर आ रही है, तो उसे बिल्कुल न खरीदें। खासकर दूध, खोया और छेना से बनी मिठाइयां जल्दी खराब हो सकती हैं। इसलिए ऐसी मिठाइयां हमेशा भरोसेमंद दुकान से खरीदें।

2. साफ-सफाई का रखें ध्यान: मिठाई की दुकान पर साफ-सफाई देखना बेहद जरूरी है। मिठाइयां ढककर रखी गई हैं या खुली हुई हैं, दुकानदार दस्ताने या साफ उपकरणों का इस्तेमाल कर रहा है या नहीं, इन बातों पर ध्यान दें। खुली मिठाइयों पर धूल, मक्खियां और दूसरे दूषित कण जमा हो सकते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

3. एक्सपायरी डेट और पैकेजिंग जांचें: पैकेट में मिलने वाली मिठाइयां खरीदते समय निर्माण की तारीख, उपयोग की अंतिम तारीख और पैकेट की स्थिति जरूर जांचें। अगर पैकेट फूला हुआ है, खुला है या उस पर जरूरी जानकारी नहीं दी गई है, तो उसे खरीदने से बचें। पैकेट पर सामग्री और भंडारण संबंधी निर्देश पढ़ना भी जरूरी है।

4. मिलावट के संकेतों को समझें: मिठाइयों में मिलावटी खोया, घटिया गुणवत्ता वाली सामग्री और अनधिकृत रंगों का इस्तेमाल सेहत के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। हालांकि केवल रंग या दिखावट देखकर मिलावट की पुष्टि नहीं की जा सकती। अगर मिठाई का रंग जरूरत से ज्यादा चमकीला है या उसकी बनावट असामान्य लगती है, तो सतर्क रहें। संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत की जा सकती है।

5. भरोसेमंद दुकान से ही खरीदारी करें: मिठाई खरीदने के लिए ऐसी दुकान चुनें जहां साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता हो और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन किया जाता हो। पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर एफएसएसएआई का लाइसेंस या पंजीकरण विवरण भी जांचें। साथ ही, मिठाई को उचित तापमान पर रखने की व्यवस्था देखना न भूलें।

आखिरकार, मिठाई का आनंद तभी बेहतर है, जब वह सुरक्षित भी हो। जरूरत से ज्यादा मिठाई खाने से बचें, खासकर अगर उसमें चीनी और वसा की मात्रा अधिक हो। थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर आप अपने परिवार को मिलावटी और खराब मिठाइयों से बचाने में मदद कर सकते हैं। याद रखें, मिठाई खरीदते समय समझदारी दिखाना स्वाद के साथ सेहत का ख्याल रखने का भी एक जरूरी तरीका है।

You might also like!