रूस के कामचटका में क्रशेनिनिकोव ज्वालामुखी 600 वर्षों में पहली बार फटा है। रूसी सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए और वैज्ञानिकों ने रविवार को यह जानकारी दी। रूस के सुदूर पूर्व में कामचटका प्रायद्वीप के पास कुरील द्वीप समूह में रविवार को 6.8 तीव्रता का भूकंप आया।
इसके बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई। कामचटका भूकंप के कारण क्रशेनिनिकोव ज्वालामुखी फट गया। प्रशांत सुनामी चेतावनी प्रणाली ने भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने भी कहा कि भूकंप की तीव्रता 7 थी।
भूकंप का केंद्र रूस के सेवेरो-कुरीलस्क से लगभग 118 किमी पूर्व में कुरील द्वीप समूह क्षेत्र में स्थित था। इससे पहले, बुधवार (30 जुलाई) तड़के कामचटका प्रायद्वीप में 8.8 तीव्रता का भूकंप आया था। क्रशेनिनिकोव ज्वालामुखी के फटने को इसी भूकंप से जोड़ा जा रहा है।
कामचटका प्रायद्वीप के पास तेज़ भूकंपीय गतिविधि कुरील-कामचटका सबडक्शन ज़ोन में तीव्र भूकंपीय गतिविधि के कारण कामचटका प्रायद्वीप में भीषण भूकंप आया। यहाँ प्रशांत प्लेट लगभग 77-86 मिमी प्रति वर्ष की गति से ओखोटस्क माइक्रोप्लेट (उत्तरी अमेरिकी प्लेट परिसर का एक भाग) के नीचे प्रवेश कर रही है। यह क्षेत्र दुनिया की सबसे भूकंपीय रूप से सक्रिय सबडक्शन खाइयों में से एक है।
यह प्रशांत महासागर के "रिंग ऑफ़ फायर" के भीतर स्थित है। 30 जुलाई को आए 8.8 तीव्रता के भूकंप ने लगभग 390 किमी लंबे और 140 किमी चौड़े एक भ्रंश के एक बड़े हिस्से को तोड़ दिया। इसके बाद कई और भूकंप आए। इसी क्रम में रविवार को 6.8 तीव्रता का भूकंप आया।
क्रशेनिनिकोव ज्वालामुखी से राख का एक बादल 6000 मीटर तक ऊपर उठा क्रशेनिनिकोव ज्वालामुखी शनिवार को फट गया। भूकंपविज्ञानी गिरिना ने ज्वालामुखी विज्ञान और भूकंप विज्ञान संस्थान के टेलीग्राम चैनल पर बताया कि क्रशेनिनिकोव का आखिरी लावा प्रवाह 1463 के 40 साल के भीतर हुआ था। तब से कोई विस्फोट नहीं हुआ है।


















