इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से आह्वान किया है कि संघर्ष विराम के बजाय गज़ा को इस्राएल के कब्जे से पूरी तरह मुक्त कराया जाये। ओआईसी ने फिलिस्तीन के आम नागरिकों, पवित्र स्थलों और पड़ोसी देशों पर इस्राएल के बढ़ते हमलों की निंदा की है।
मध्यपूर्व पर सुरक्षा परिषद में खुली बहस की अध्यक्षता करते हुए संयुक्त राष्ट्र में तुर्किये के दूत अहमत यिलदिज़ ने ओआईसी का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने कहा कि ओआईसी गज़ा के लिए संघर्ष विराम समझौते का स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 के अनुरूप समझौते का दूसरा चरण शुरू किया जाना चाहिए। श्री यिलदिज़ ने कहा कि संघर्ष विराम का उल्लंघन बढ़ता जा रहा है और गज़ा तथा पश्चिमी तट में फिलिस्तीन के आम नागरिकों पर इस्राएल के हिंसक हमले बढ़ रहे हैं। फिलीस्तीनी क्षेत्र में नई बस्तियां बसाने की अनुमति के इस्राएल के हाल के फैसले से स्थिति और विकट हो गई है।
ओआईसी ने दोहराया कि मध्य पूर्व में दीर्घकालिक शांति के लिए इस्राएल को सीरियाई अरब गोलन सहित कब्जे वाले सभी अरब क्षेत्रों से पूरी तरह हटने की जरूरत है। श्री यिलदिज़ ने कहा कि इस्राएल को सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का पूरी तरह पालन करना चाहिए। उन्होंने आठ दिसम्बर 2024 से सीरियाई क्षेत्र में इस्राएल की घुसपैठ की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और 1974 के समझौते का उल्लंघन बताया। ओआईसी ने संघर्ष विराम का स्वागत करते हुए लेबनान की संप्रभुता के लिए समर्थन दोहराया।
















